विज्ञान

Space में तकनीक का बड़ा प्रयोग

Kanchan Paikara
5 July 2026 7:48 PM IST
Space में तकनीक का बड़ा प्रयोग
x
Science विज्ञान : अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मिशन की शुरुआत हुई है, जो भविष्य में उपग्रहों और अंतरिक्ष उपकरणों की सुरक्षा के लिए नई दिशा तय कर सकता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के 21 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने के लिए पहली बार एक खास रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में भेजा गया है। यह मिशन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें किसी पुराने अंतरिक्ष उपकरण को सक्रिय रूप से बचाने की कोशिश की जा रही है।
इस मिशन को अंजाम देने के लिए अमेरिकी कंपनी कैटालिस्ट स्पेस (Katalyst Space) ने ‘LINK’ नाम का एक उन्नत रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट तैयार किया है। इसे 3 जुलाई को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। लॉन्च के बाद अब इस स्पेसक्राफ्ट ने धरती से पहला संपर्क भी स्थापित कर लिया है, जो मिशन की शुरुआती सफलता मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, LINK स्पेसक्राफ्ट अब अपनी निर्धारित कक्षा में सुरक्षित पहुंच चुका है और इसके सभी मुख्य सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं। यह अंतरिक्ष में स्विफ्ट टेलीस्कोप तक पहुंचकर उसे स्थिर करने और उसकी स्थिति को सुधारने का प्रयास करेगा। अगर यह मिशन सफल रहता है, तो यह अंतरिक्ष में किसी पुराने सैटेलाइट या टेलीस्कोप को बचाने का पहला बड़ा उदाहरण होगा।
स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को साल 2004 में लॉन्च किया गया था और यह अब अपनी उम्र पूरी कर चुका है। इसके बावजूद यह अब भी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा प्रदान कर रहा है, लेकिन समय के साथ इसकी कक्षा में अस्थिरता और तकनीकी चुनौतियां बढ़ गई हैं। इसी वजह से इसे सुरक्षित रखने के लिए यह विशेष रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर LINK मिशन सफल होता है, तो भविष्य में पुराने और खराब होते उपग्रहों को रिपेयर या री-ऑर्बिट करने के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे न केवल अंतरिक्ष मलबे (space debris) की समस्या कम होगी, बल्कि महंगे अंतरिक्ष उपकरणों की उम्र भी बढ़ाई जा सकेगी।
यह मिशन अंतरिक्ष तकनीक में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, क्योंकि अब तक अंतरिक्ष में भेजे गए उपग्रहों को आमतौर पर उनकी उम्र खत्म होने के बाद छोड़ दिया जाता था। लेकिन अब रोबोटिक सर्विसिंग और रेस्क्यू तकनीक के जरिए उन्हें बचाने की संभावना सामने आ रही है।
Next Story