विज्ञान

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने लैब में बनाया हाइब्रिड कोरोना, वायरस को मिली महाविनाशकारी ताकत

Subhi
18 Oct 2022 5:12 AM GMT
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने लैब में बनाया हाइब्रिड कोरोना, वायरस को मिली महाविनाशकारी ताकत
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अमेरिका के शोधकर्ताओं के एक प्रयोग ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में कोविड-19 वायरस का एक खतरनाक वेरियंट विकसित किया है। ये इतना खतरनाक है कि इससे संक्रमित चूहों की मृत्यु दर 80 फीसदी है।

अमेरिका के शोधकर्ताओं के एक प्रयोग ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में कोविड-19 वायरस का एक खतरनाक वेरियंट विकसित किया है। ये इतना खतरनाक है कि इससे संक्रमित चूहों की मृत्यु दर 80 फीसदी है। कई लोगों को डर है कि इस तरह का प्रयोग खतरनाक तरीके से महामारी की फिर शुरुआत कर सकता है। ये म्यूटेंट वेरिएंट ओमिक्रॉन और मूल कोविड-19 का एक हाइब्रिड है। बोस्टन विश्वविद्याल में इससे संक्रमित 80 प्रतिशत चूहों की मौत हो गई है।

जब इन्हीं चूहों में से कुछ को ओमिक्रॉन के संपर्क में लाया गया तो वे सभी बच गए और उन्होंने केवल हल्के लक्षणों का अनुभव किया। वैज्ञानिकों ने इंसानी कोशिका को हाइब्रिड वेरिएंट से संक्रमित किया और पाया कि ये ओमिक्रॉन की तुलना में पांच गुना अधिक संक्रामक था। माना जा रहा है कि मानव निर्मित वायरस अभी तक का सबसे खतरनाक वेरिएंट हो सकता है। इस तरह की स्टडी से चिंता जताई जा रही है कि कोरोना के मामले खतरनाक तरीके से बढ़ सकते हैं।

सबसे पहले कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर के एक मांस के बाजार से फैला था। ये बाजार हाई सिक्योरिटी वाले वायरोलॉजी लैब से लगभग 12 किमी दूर था। कई थ्योरी के मुताबिक इस लैब से खतरनाक कोविड-19 वायरस लीक हो गया और मार्केट तक पहुंच गया। वायरस लैब से लीक हुआ है इसकी जांच अभी तक नहीं हो सकी है। नए शोध में बोस्टन और फ्लोरिडा के शोधकर्ताओं की टीम ने ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन को निकाला और उसे मूल कोविड 19 के स्पाइक प्रोटीन के साथ जोड़ दिया।

शोधकर्ताओं ने नए वायरस वेरिएंट को बनाने के बाद इस बात पर गौर किया कि चूहे हाइब्रिड स्ट्रेन पर कैसा प्रदर्शन करते हैं। इस रिसर्च को लेकर शोधकर्ताओं ने लिखा, 'चूहों में ओमिक्रॉन हल्के और गैर घातक संक्रमण का कारण बनता है, हाइब्रिड वायरस 80 फीसदी मृत्यु दर के साथ गंभीर बीमारी पैदा करता है।' उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि स्पाइक प्रोटीन संक्रामता के लिए जिम्मेदार है, वहीं इसकी संरचना के अन्य हिस्सों में परिवर्तन से ये घातक हो जाता है।


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