विज्ञान

अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में बहता ‘खूनी’ झरना, जानें 'ब्लड फॉल्स' पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक

jantaserishta.com
24 March 2026 12:47 PM IST
अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में बहता ‘खूनी’ झरना, जानें ब्लड फॉल्स पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक
x
नई दिल्ली: दुनिया भर में ऐसी कई जगहें हैं, जिनके पीछे का रहस्य हैरत में डालता है। इस लिस्ट में अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में स्थित ‘ब्लड फॉल्स’ का नाम शामिल है, जो दुनिया के सबसे रहस्यमयी और आश्चर्यजनक प्राकृतिक स्थलों में से एक है।
ब्लड फॉल्स यानी लाल रंग का झरना ऐसा लगता है मानो खून बह रहा हो, लेकिन इसका कारण विज्ञान है, न कि कोई अलौकिक घटना। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इस रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए बताती है कि अंटार्कटिका में रॉस सागर और पूर्वी अंटार्कटिक हिम चादर के बीच स्थित शुष्क घाटियां पृथ्वी पर उन दुर्लभ जगहों में शामिल हैं, जहां बर्फ के बावजूद भूभाग बर्फ से मुक्त यानी उन जगहों पर बर्फ नहीं है। इन घाटियों पर लगातार चलने वाली कैटाबेटिक हवाओं या ठंडी, शुष्क हवाओं के कारण बर्फ नहीं रहती हैं। इन घाटियों में कई झीलें हैं, जिनमें से एक है लेक बोनी। टेलर ग्लेशियर से निकलने वाला लाल रंग इसी झील में गिरता है और ‘ब्लड फॉल्स’ के नाम से जाना जाता है।
यह लाल रंग लौह युक्त नमक यानी फेरस हाइड्रोक्साइड के कारण होता है। 1960 के दशक से वैज्ञानिक इस रहस्य को समझने की कोशिश कर रहे थे। साल 2003 में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के बेरी लायंस की टीम ने इसका सबसे विश्वसनीय कारण बताया। उनके अनुसार, लाखों वर्ष पहले यह क्षेत्र समुद्र से जुड़ा था। जब समुद्र पीछे हटा, तो खारे पानी की झील बन गई। इसमें लौह युक्त लवण जमा हो गए। बाद में टेलर ग्लेशियर आगे बढ़ा और इस झील को ढक लिया। समय के साथ ये लवण ग्लेशियर के अंदर फंस गए और अब पिघलते हुए बाहर निकल रहे हैं। जब ये लवण हवा से मिलते हैं, तो ऑक्सीडाइज होकर लाल रंग के हो जाते हैं।
ब्लड फॉल्स न केवल देखने में बेहद आकर्षक है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह पृथ्वी के इतिहास, जलवायु परिवर्तन और यहां तक कि मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं को समझने में मदद करता है। शोधकर्ता इन शुष्क घाटियों की झीलों का अध्ययन कर रहे हैं, क्योंकि इनमें मीठे और खारे पानी की झीलें दोनों मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, बोनी और फ्राइक्सेल झीलें खारे पानी की हैं, जबकि होरे झील मीठे पानी की है।
नासा के टेरा सैटेलाइट की 29 नवंबर 2000 को ली गई फॉल्स-कलर इमेज में ब्लड फॉल्स स्पष्ट दिखाई देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आगे की ड्रिलिंग और अध्ययन से इन झीलों के निर्माण और बदलाव के बारे में और अधिक जानकारी मिलेगी।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story