धर्म-अध्यात्म

Holi पर क्यों नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण? यहां जाने कथा

Tara Tandi
8 March 2025 1:31 PM IST
Holi पर क्यों नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण? यहां जाने कथा
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Chandra grahan ज्योतिष न्यूज़ : साल का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025 यानि होली के दिन लगने जा रहा है। इस दिन आसमान में एक अलग ही नजारा देखने को मिलेगा। होली के दिन आसमान में लाल रंग का चाँद दिखाई देगा जिसे ब्लड मून कहा जाता है। यह पूर्ण चन्द्रग्रहण होगा। इस पूर्ण चंद्रग्रहण को दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा, लेकिन भारत में इसकी स्थिति क्या होगी? लोगों में इस बात को लेकर काफी असमंजस है कि क्या यहां ग्रहण दिखाई देगा और क्या सूतक लगेगा। अगर आप भी इस बात को लेकर असमंजस में हैं तो आइए पंडित विनोद पांडेय से जानते हैं इस बारे में सबकुछ।
चन्द्र ग्रहण क्यों महसूस होता है?
सबसे पहले जानते हैं कि चंद्र ग्रहण क्या होता है। दरअसल यह एक खगोलीय घटना है जो तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। जब चंद्र ग्रहण होता है तो सूर्य और चंद्रमा के बीच में आने के कारण पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, इस घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। ग्रहण के बारे में लोगों की अलग-अलग मान्यताएं हैं।
चन्द्र ग्रहण कहां दिखाई देगा?
वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025 को लगेगा। वर्ष 2025 का पहला चंद्रग्रहण, जो होली के दिन पड़ेगा, यूरोपीय देशों जैसे उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत और अटलांटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों और एशिया-अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। होली के दिन हुए चंद्रग्रहण ने लोगों को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। क्योंकि कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि यह भारत में दिखाई देगी या नहीं। इसके पीछे कारण है होली का त्यौहार जो बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
क्या चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा?
होली भी 14 मार्च को मनाई जाती है। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि क्या भारत में भी चंद्र ग्रहण लगेगा। दरअसल, हिंदू धर्म में ग्रहण का बहुत महत्व है। ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। पंडित विनोद पांडे ने बताया कि हालांकि ग्रहण 14 मार्च यानी होली के दिन लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि जिस समय यूरोपीय देश में ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में दिन होगा। ऐसे में न तो भारत में इसका कोई प्रभाव पड़ेगा और न ही सूतक काल मान्य होगा।
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