धर्म-अध्यात्म

ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को क्यों बरतनी चाहिए सावधानी जानें क्या कहता है विज्ञान

nidhi
12 Aug 2026 9:30 AM IST
ग्रहण में गर्भवती महिलाओं को क्यों बरतनी चाहिए सावधानी जानें क्या कहता है विज्ञान
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ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्यों किया जाता है सावधान जानें सच
नई दिल्ली : सूर्य ग्रहण को लेकर भारतीय समाज में कई तरह की धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें सबसे प्रमुख मान्यता यह है कि गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और ग्रहण नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भ में पल रहे बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार भी है? आइए धार्मिक विश्वास और विज्ञान, दोनों को अलग-अलग समझते हैं।
धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
हिंदू परंपराओं में सूर्य ग्रहण को विशेष खगोलीय और धार्मिक घटना माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं में ग्रहण का संबंध राहु-केतु की कथा से जोड़ा जाता है। इसी वजह से ग्रहण के दौरान कुछ लोग पूजा-पाठ, भोजन और दैनिक गतिविधियों को लेकर विशेष नियमों का पालन करते हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए परंपरागत रूप से अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कई परिवारों में उन्हें घर के भीतर रहने, ग्रहण देखने से बचने और चाकू-कैंची जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। ये मान्यताएं मुख्यतः धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हैं।
क्या ग्रहण से बच्चे को नुकसान होता है?
वैज्ञानिक दृष्टि से इसका कोई प्रमाण नहीं है। भारत सरकार के India Science, Technology and Innovation पोर्टल के अनुसार, इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि सूर्य ग्रहण गर्भवती महिला या उसके भ्रूण को नुकसान पहुंचाता है या जन्मजात विकृतियों अथवा गर्भपात का कारण बनता है। इसलिए ग्रहण के दौरान घर में रहना या कुछ पारंपरिक नियमों का पालन करना व्यक्तिगत धार्मिक आस्था का विषय हो सकता है, लेकिन इन्हें चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं माना जाता।
फिर सूर्य ग्रहण को सीधे देखने से क्यों मना किया जाता है?
यहां सावधानी जरूरी है। सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकता है, चाहे वह गर्भवती हो या नहीं। सूर्य की तेज रोशनी रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर किसी स्थान से सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा हो तो इसे देखने के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर/ISO 12312-2 मानक वाले eclipse glasses का इस्तेमाल किया जाता है। साधारण धूप के चश्मे पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।
गर्भवती महिलाओं के लिए असली सावधानी क्या है?
ग्रहण के नाम पर खाना-पीना छोड़ना या लंबे समय तक पानी न पीना गर्भवती महिला के लिए उचित नहीं है। गर्भावस्था में पर्याप्त पोषण और हाइड्रेशन महत्वपूर्ण हैं। इसलिए धार्मिक परंपरा का पालन करते समय भी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर गर्भावस्था में किसी तरह की परेशानी, चक्कर, कमजोरी, रक्तस्राव या अन्य असामान्य लक्षण हों तो ग्रहण का इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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