धर्म-अध्यात्म

विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों पर क्यों बनाते हैं स्वस्तिक जानें महत्व

nidhi
17 Sept 2026 9:34 AM IST
विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों पर क्यों बनाते हैं स्वस्तिक जानें महत्व
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विश्वकर्मा पूजा 2026
विश्वकर्मा पूजा के दिन भगवान विश्वकर्मा की विशेष आराधना की जाती है। इस अवसर पर लोग अपने काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों, मशीनों और उपकरणों की पूजा करते हैं। कारखानों, वर्कशॉप, दुकानों और तकनीकी संस्थानों में इस दिन मशीनों पर स्वस्तिक बनाने की परंपरा भी निभाई जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वस्तिक को शुभता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए विश्वकर्मा पूजा के दौरान मशीनों और औजारों पर स्वस्तिक बनाकर भगवान विश्वकर्मा से कार्य में सफलता और सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है।
स्वस्तिक का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में स्वस्तिक चिन्ह को बेहद शुभ माना गया है। इसे चार दिशाओं, मंगल और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में स्वस्तिक का प्रयोग लंबे समय से होता आया है।
विश्वकर्मा पूजा में मशीनों पर स्वस्तिक बनाने का उद्देश्य काम में आने वाली बाधाओं को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की भावना से जुड़ा है।
औजारों की पूजा की परंपरा
भगवान विश्वकर्मा को निर्माण कला, वास्तु और शिल्प का देवता माना जाता है। मान्यता है कि उनकी कृपा से कारीगरों, इंजीनियरों और श्रमिकों को अपने कार्य में सफलता मिलती है।
इसी कारण इस दिन लोग अपने औजारों और मशीनों को साफ करके उनकी पूजा करते हैं। मशीनों पर फूल, रोली, अक्षत और स्वस्तिक लगाकर आरती की जाती है।
मशीनों की पूजा क्यों की जाती है
आज के समय में मशीनें उद्योगों और कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हीं की मदद से उत्पादन और निर्माण कार्य होते हैं। विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों की पूजा कर लोग उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
कई प्रतिष्ठानों में इस दिन मशीनों को कुछ समय के लिए बंद रखकर विशेष पूजा आयोजित की जाती है।
विश्वकर्मा पूजा का महत्व
विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि मेहनत, कौशल और तकनीकी ज्ञान के सम्मान का प्रतीक भी मानी जाती है। इस दिन लोग भगवान विश्वकर्मा से अपने कार्यक्षेत्र में तरक्की, सुरक्षा और सफलता की कामना करते हैं।
स्वस्तिक बनाकर मशीनों और औजारों की पूजा करने की परंपरा इसी विश्वास को दर्शाती है कि शुभ भावना और मेहनत से कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
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