धर्म-अध्यात्म

लक्ष्मी जी की सवारी उल्लू क्यों? जानें इसका धार्मिक रहस्य

Tara Tandi
12 Sept 2025 4:52 PM IST
लक्ष्मी जी की सवारी उल्लू क्यों? जानें इसका धार्मिक रहस्य
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ज्योतिष न्यूज़: हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी को उलूक वाहिनी कहा जाता है क्योंकि उनका वाहन उल्लू है। उल्लू को ज्ञान और भाग्य का प्रतीक माना जाता है। उल्लू में ऐसे कई गुण होते हैं, जो प्रतीकात्मक रूप से देवी लक्ष्मी के स्वरूप को दर्शाते हैं। उदाहरण के लिए, उल्लू अंधकार में भी जागरूक रह सकता है और मौन में भी विचारशील रहता है। देवी लक्ष्मी वाहन के रूप में ऐसा पशु या पक्षी चाहती थीं, जिसे धन या वैभव का मोह न हो और अंधकार में भी ज्ञान प्राप्त कर सके क्योंकि वही धन का वास्तविक रक्षक हो सकता है। उल्लू का स्वभाव अंधकार में भी दिशा तय करना होता है। वह दुनिया के शोरगुल से दूर रहकर अपने भीतर के अंधकार को देखने का अभ्यास करता है। इसलिए देवी लक्ष्मी को यह पक्षी सबसे अधिक प्रिय था। वैसे, उल्लू को अपना वाहन बनाने के पीछे एक पौराणिक कथा भी है, जो इस प्रकार है... लक्ष्मी जी ने उल्लू को अपना वाहन क्यों बनाया?
एक बार देवी लक्ष्मी ने सभी पशु-पक्षियों से कहा कि वह कार्तिक अमावस्या के दिन पृथ्वी पर आएंगी और अपना वाहन चुनेंगी। उन्होंने कहा कि जब वह पृथ्वी पर आएंगी, तो जो पशु या पक्षी सबसे पहले उनके पास पहुंचेगा, उसे वह अपना वाहन बना लेंगी। सभी पशु-पक्षी कार्तिक अमावस्या का इंतज़ार करने लगे। अमावस्या की अंधेरी रात में देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आईं लेकिन अंधकार के कारण सभी पशु-पक्षियों को उन तक पहुँचने में कठिनाई होने लगी। तभी उल्लू ने घने अंधेरे में भी अपनी पैनी नज़रों से उन्हें देख लिया और तेज़ी से उनके पास पहुँच गया। माँ लक्ष्मी ने देखा कि उल्लू ज़्यादा बोलता नहीं, उड़ता नहीं, किसी की तरफ़ देखता भी नहीं। वह बस मौन, एकाग्र, शांत था। उल्लू के इस गुण को देखकर माँ लक्ष्मी ने उल्लू से कहा कि तुम मेरे वाहन बनोगे, ताकि जब भी मैं धन दूँ तो तुम मुझे याद दिलाना कि विवेक, मौन और जागरूकता धन से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। तब से उल्लू देवी लक्ष्मी का वाहन बन गया और आज भी जब लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है, तो उनके साथ एक शांत, स्थिर और मौन उल्लू को दिखाया जाता है।
उल्लू का आध्यात्मिक महत्व उल्लू का गहरा आध्यात्मिक महत्व है। उल्लू अंधेरे में भी साफ़ देख सकता है। यह दर्शाता है कि सच्ची बुद्धि वह है जो अंधेरे यानी अज्ञानता या संकट में भी सही निर्णय ले सके। उल्लू बहुत शांत, धैर्यवान और एकाग्र होता है। तांत्रिक परंपरा में उल्लू को गुप्त ज्ञान, तंत्र और सिद्धियों से जोड़ा जाता है। उल्लू देवी लक्ष्मी का वाहन है क्योंकि वह ज्ञान, मौन, शांत कर्म और धन के साथ-साथ अंधकार में प्रकाश खोजने की शक्ति का प्रतीक है।
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