धर्म-अध्यात्म

शंखनाद और घंटे की गूंज क्यों मानी जाती है शुभ जानें धार्मिक महत्व

nidhi
28 Aug 2026 12:32 PM IST
शंखनाद और घंटे की गूंज क्यों मानी जाती है शुभ जानें धार्मिक महत्व
x
शुभ जानें धार्मिक महत्व

धर्म : हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान शंख बजाने और घंटी बजाने की परंपरा सदियों पुरानी है। मंदिरों और घरों में आरती के समय शंखनाद और घंटों की ध्वनि को शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन पवित्र ध्वनियों से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शंख और घंटी की ध्वनि का संबंध ग्रहों और ऊर्जा संतुलन से भी जोड़ा जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से इसे ध्वनि के प्रभाव और मानसिक शांति से जोड़कर देखा जाता है।
शंखनाद का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शंख को भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है। पूजा के दौरान शंख बजाने से वातावरण पवित्र होता है और शुभ ऊर्जा का संचार होता है।
मान्यता है कि शंख की ध्वनि से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। यही कारण है कि मंदिरों में आरती से पहले और बाद में शंख बजाने की परंपरा है।
घंटी की ध्वनि क्यों मानी जाती है शुभ
मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाने की परंपरा भी बहुत पुरानी है। धार्मिक मान्यता है कि घंटी की आवाज से मन एकाग्र होता है और भक्त का ध्यान पूजा में केंद्रित होता है।
कहा जाता है कि घंटी की ध्वनि से वातावरण में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक कंपन उत्पन्न होते हैं।
ग्रह दोषों से जुड़ी मान्यताएं
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ध्वनि और मंत्रों का संबंध ग्रहों की ऊर्जा से माना जाता है। कुछ मान्यताओं में कहा जाता है कि नियमित पूजा, शंखनाद और घंटी बजाने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायता मिल सकती है।
विशेष रूप से सूर्य, चंद्रमा और गुरु ग्रह से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है। हालांकि यह धार्मिक विश्वास का विषय है।
वैज्ञानिक दृष्टि से क्या है प्रभाव?
वैज्ञानिक नजरिए से घंटी और शंख की ध्वनि शरीर और मन पर प्रभाव डाल सकती है। मधुर और नियमित ध्वनि तनाव कम करने, मन को शांत करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकती है।
आरती के दौरान सामूहिक रूप से मंत्र, संगीत और ध्वनि का वातावरण मानसिक शांति का अनुभव करा सकता है।
आरती में ध्वनि का विशेष महत्व
आरती में दीपक, मंत्र, घंटी और शंख का संयोजन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह केवल पूजा की विधि नहीं बल्कि मन को सकारात्मक भाव से जोड़ने का माध्यम भी माना जाता है।
भक्तों का विश्वास है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई आरती जीवन में शांति और ऊर्जा का संचार करती है।
परंपरा और आस्था का संगम
शंखनाद और घंटी की गूंज भारतीय धार्मिक परंपराओं का अहम हिस्सा है। चाहे इसे आध्यात्मिक ऊर्जा के रूप में देखा जाए या मानसिक शांति के माध्यम के तौर पर, इसका महत्व सदियों से बना हुआ है।

Next Story