धर्म-अध्यात्म

अनंत सूत्र में क्यों लगाई जाती हैं 14 गांठें? जानें धार्मिक महत्व

nidhi
25 Sept 2026 8:41 AM IST
अनंत सूत्र में क्यों लगाई जाती हैं 14 गांठें? जानें धार्मिक महत्व
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कलाई पर 14 गांठों वाला सूत्र बांधने का रहस्य

धर्म डेस्क : अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। यह पर्व भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ कलाई पर 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह सूत्र भगवान अनंत की कृपा और रक्षा का प्रतीक माना जाता है।

अनंत सूत्र आमतौर पर कच्चे धागे से तैयार किया जाता है और इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। पूजा के दौरान इसे भगवान विष्णु के सामने रखकर विधि-विधान से पूजन किया जाता है। इसके बाद पुरुष इसे दाहिनी कलाई और महिलाएं बाईं कलाई पर धारण करती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परंपराओं में इसकी पूजा विधि में कुछ अंतर भी देखने को मिलता है।
क्या है 14 गांठों का रहस्य?
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत सूत्र की 14 गांठों का विशेष महत्व है। इन्हें हिंदू धर्म में वर्णित 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि प्रत्येक गांठ भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और सृष्टि के अलग-अलग लोक का प्रतीक है। धार्मिक ग्रंथों में सात ऊर्ध्व लोक—भू, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः और सत्य तथा सात अधोलोक—अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल का उल्लेख मिलता है। इस तरह कुल 14 लोक माने गए हैं। अनंत सूत्र की 14 गांठों को इन्हीं 14 लोकों से जोड़ने की धार्मिक व्याख्या प्रचलित है।
क्यों बांधा जाता है अनंत सूत्र?
धार्मिक मान्यता है कि अनंत सूत्र धारण करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाओं से रक्षा होती है। इसे सुख-समृद्धि, पारिवारिक शांति और सौभाग्य की कामना के साथ बांधा जाता है। हालांकि ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से इनके प्रभाव का प्रमाण नहीं है।
महाभारत से जुड़ी एक कथा में अनंत व्रत का उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार कठिन परिस्थितियों के दौरान भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को अनंत व्रत करने की सलाह दी थी। इसके बाद पांडवों ने विधिपूर्वक भगवान अनंत की आराधना की। इसी धार्मिक कथा के कारण अनंत चतुर्दशी के व्रत को संकटों से मुक्ति की कामना से भी जोड़ा जाता है।
कैसे बांधें अनंत सूत्र?
अनंत चतुर्दशी के दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। पूजा में फल, फूल, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करने की परंपरा है। इसके बाद 14 गांठों वाले अनंत सूत्र की पूजा कर उसे कलाई पर बांधा जाता है। सूत्र बांधते समय भगवान विष्णु का स्मरण और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना के साथ गणेश विसर्जन भी किया जाता है। यही कारण है कि धार्मिक दृष्टि से यह तिथि विशेष महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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