धर्म-अध्यात्म

गणेश जी की पूजा करते समय जरूर पढ़ें गणेश स्तुति, बनी रहेगी गणपति जी की कृपा

Triveni
23 Dec 2020 4:09 AM GMT
गणेश जी की पूजा करते समय जरूर पढ़ें गणेश स्तुति, बनी रहेगी गणपति जी  की कृपा
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आज बुधवार है। आज का दिन गणेश जी को समर्पित है। आज के दिन गणेश जी की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | आज बुधवार है। आज का दिन गणेश जी को समर्पित है। आज के दिन गणेश जी की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। गणपति बप्पा का नाम हर शुभ कार्य से पहले लिया जाता है। गणेश जी की पूजा बुधवार को की जाती है। आज का दिन गणेश भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। गणेश जी शिवजी और पार्वती के पुत्र हैं। उनका वाहन मूषक है जिसका नाम डिंक हैं। गणेश जी गणों के स्वामी हैं इसलिए उन्हें गणपति भी कहा जाता है। इन्हें केतू का देवता भी कहा जाता है। श्री गणेश संसार के साधनों के स्वामी हैं। वहीं, इन्हें गजानन इसलिए कहा जाता है।

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का नाम किसी भी शुभ कार्य से पहले लिया जाता है इसलिए इन्हें प्रथमपूज्य कहा जाता है। जो सम्प्रदाय गणेश जी की उपासना करता है उसे गाणपत्य कहा जाता है। गणेश जी की पूजा करते समय गणेश चालीसा और गणेश आरती जरूर की जाती है। इससे गणेश जी की विशेष कृपा भक्त पर बनी रहती है। इसके अलावा अगर गणेश स्तुति की जाए तो व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही आर्थिक उलझन भी खत्म हो जाती है। आइए पढ़ते हैं गणेश स्तुति।
ध्यान मंत्र
ओम सिन्दूर-वर्णं द्वि-भुजं गणेशं लम्बोदरं पद्म-दले निविष्टम्।
ब्रह्मादि-देवैः परि-सेव्यमानं सिद्धैर्युतं तं प्रणामि देवम्।।
मूल-पाठ
सृष्ट्यादौ ब्रह्मणा सम्यक् पूजित: फल-सिद्धए।
सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे।।
त्रिपुरस्य वधात् पूर्वं शम्भुना सम्यगर्चित:।
सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे।।
इस आरती से करें गजानन जी की वंदना
हिरण्य-कश्यप्वादीनां वधार्थे विष्णुनार्चित:।
सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे।।
महिषस्य वधे देव्या गण-नाथ: प्रपुजित:।
सदैव पार्वती-पुत्र: ऋण-नाशं करोतु मे।।


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