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Karwa Chauth का व्रत कब रखा जाएगा

Ratna Netam
21 Jun 2026 5:05 PM IST
Karwa Chauth   का व्रत कब रखा जाएगा
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सही तारीख और पूजा नियम

Religion धर्म : करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक त्योहारों में से एक माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं।

परंपरा के अनुसार करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से लेकर रात में चंद्रमा के दर्शन तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए उपवास करती हैं। चांद निकलने के बाद उसकी पूजा करने और अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का समापन किया जाता है।

यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, समर्पण और विश्वास को भी मजबूत करता है। करवा चौथ का इंतजार कई महिलाएं पूरे साल करती हैं और इस दिन को विशेष बनाने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर देती हैं।

त्योहार के दिन घरों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिलता है। महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और हाथों में मेहंदी रचाती हैं। मेहंदी को इस पर्व का खास हिस्सा माना जाता है और इसे सौभाग्य का प्रतीक भी कहा जाता है।

पूजा की तैयारियों में करवा चौथ की थाली, करवा, दीया और अन्य पूजन सामग्री शामिल होती है। महिलाएं समूह में बैठकर करवा चौथ की कथा सुनती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करती हैं।

शाम के समय चांद निकलने का सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। जैसे ही चंद्रमा के दर्शन होते हैं, महिलाएं उसे अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं।

विशेषज्ञों और धर्माचार्यों के अनुसार करवा चौथ का व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करने का माध्यम भी है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को नई ऊर्जा देता है।

इस तरह करवा चौथ का व्रत हर साल सुहागिन महिलाओं के जीवन में खास महत्व रखता है और यह पर्व घर-परिवार में खुशियों और उत्साह का माहौल लेकर आता है।

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