धर्म-अध्यात्म

कब खुलेगा इंदिरा एकादशी व्रत? जानें पारण का सही समय

nidhi
5 Oct 2026 8:09 AM IST
कब खुलेगा इंदिरा एकादशी व्रत? जानें पारण का सही समय
x
इंदिरा एकादशी व्रत के बाद कब करें पारण
धर्म डेस्क: पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है। साल 2026 में इंदिरा एकादशी का व्रत मंगलवार, 6 अक्टूबर को रखा जाएगा और इसका पारण अगले दिन यानी बुधवार, 7 अक्टूबर को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में पारण का शुभ समय सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 38 मिनट के आसपास रहेगा। शहर के अनुसार समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
पंचांग के अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 2 बजकर 07 मिनट पर शुरू होगी। एकादशी तिथि का समापन 7 अक्टूबर को रात करीब 12 बजकर 34 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर को रखा जाएगा।
एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व होता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार एकादशी के दिन उपवास करने के बाद द्वादशी तिथि में निर्धारित समय पर व्रत खोला जाता है। 7 अक्टूबर को हरि वासर सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा, इसलिए श्रद्धालु सुबह निर्धारित पारण अवधि में व्रत खोल सकते हैं।
पारण की विधि की बात करें तो सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए पूजा करें। भगवान विष्णु को पुष्प, तुलसी दल और प्रसाद अर्पित किया जा सकता है। दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें और व्रत के दौरान हुई किसी त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
पूजा के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन या अन्य वस्तुओं का दान किया जा सकता है। इसके बाद पारण के निर्धारित समय में सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत पूरा करें। एकादशी व्रत करने वाले श्रद्धालु पारण के नियमों का पालन करते हुए ही उपवास समाप्त करते हैं।
इंदिरा एकादशी पितृ पक्ष में पड़ती है, इसलिए इसे पितरों के स्मरण से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ पितरों का स्मरण और तर्पण किया जाता है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा भी है। व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप तथा एकादशी व्रत कथा का पाठ या श्रवण करते हैं। अगले दिन पारण के बाद व्रत पूर्ण माना जाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पारण का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 7 अक्टूबर को सुबह करीब 6:17 से 8:38 बजे तक पारण किया जा सकता है। अन्य शहरों में सूर्योदय के समय के आधार पर इसमें कुछ मिनट का अंतर संभव है।
Next Story