धर्म-अध्यात्म

राधा अष्टमी 2026 कब है जानें तारीख और बरसाना के विशेष कार्यक्रम

nidhi
18 Sept 2026 10:38 AM IST
राधा अष्टमी 2026 कब है जानें तारीख और बरसाना के विशेष कार्यक्रम
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राधा अष्टमी पर सजेंगे बरसाना

मथुरा : भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली राधा अष्टमी 2026 इस बार 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आने वाले इस पर्व का ब्रज क्षेत्र, खासकर बरसाना में विशेष महत्व है। यहां राधा रानी यानी वृषभानु नंदनी के प्राकट्य उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राधा अष्टमी के दिन राधा रानी की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और श्रीराधा-कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।

राधा अष्टमी 2026 की तिथि और शुभ समय
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 18 सितंबर 2026 दोपहर करीब 1:02 बजे से होगा और यह 19 सितंबर दोपहर करीब 3:28 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर राधा अष्टमी का व्रत और उत्सव 19 सितंबर को मनाया जाएगा।
बरसाना में होगा भव्य जन्मोत्सव
राधा रानी की जन्मभूमि माने जाने वाले बरसाना में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है। राधा रानी की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया जाता है और जन्मोत्सव के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बरसाना के मंदिरों में मूलशांति अनुष्ठान, वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा के साथ राधा रानी का अभिषेक किया जाता है।
पंचामृत अभिषेक की परंपरा
राधा अष्टमी के दिन राधा रानी की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक विशेष महत्व रखता है। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का प्रयोग किया जाता है। इसके बाद राधा रानी का सुंदर श्रृंगार कर उन्हें नए वस्त्र और आभूषण अर्पित किए जाते हैं।
राधा अष्टमी पूजा विधि
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थान को साफ कर राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करें।
राधा रानी को पंचामृत से स्नान कराएं।
फूल, धूप, दीप और भोग अर्पित करें।
राधा रानी की आरती और मंत्रों का जाप करें।
व्रत कथा सुनकर प्रसाद ग्रहण करें।
राधा अष्टमी का धार्मिक महत्व
राधा रानी को भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। वैष्णव परंपरा में राधा अष्टमी को विशेष पर्व के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से राधा रानी की पूजा करने से जीवन में प्रेम, शांति और खुशहाली आती है। ब्रज क्षेत्र में राधा अष्टमी का उत्सव केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सांस्कृतिक आयोजन भी होता है। मंदिरों में भजन, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से राधा रानी के प्राकट्य दिवस को मनाया जाता है।

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