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धर्म-अध्यात्म
करवा चौथ की पूजा थाली में क्या रखें? देख लें जरूरी सामान
nidhi
26 Oct 2026 10:02 AM IST

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करवा चौथ का व्रत दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं पारंपरिक रूप से पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। दिनभर की तैयारियों के बाद शाम को पूजा और चंद्रमा के दर्शन का इंतजार रहता है। ऐसे में अगर पूजा का सामान पहले से व्यवस्थित हो तो आखिरी समय की भागदौड़ से बचा जा सकता है। करवा, छलनी, दीपक, जल का लोटा और पूजन सामग्री समय रहते एक जगह रख लेने से पूजा की तैयारी आसान हो जाती है। हालांकि, सामग्री और पूजा का क्रम क्षेत्र तथा परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकता है।
सबसे पहले तैयार करें साफ पूजा थाली
पूजा की तैयारी के लिए सबसे पहले एक साफ और पर्याप्त बड़ी थाली चुनें। उसमें सामान इस तरह रखें कि पूजा के दौरान किसी चीज को उठाने में परेशानी न हो। रोली, अक्षत और अन्य छोटी सामग्री के लिए अलग-अलग कटोरियां इस्तेमाल की जा सकती हैं। इससे सामान आपस में नहीं मिलेगा और थाली उठाते समय बिखरेगा भी नहीं। थाली में जरूरत से ज्यादा सजावट करने के बजाय सामग्री रखने के लिए पर्याप्त जगह छोड़ें। यदि फूलों से सजाना चाहती हैं तो उन्हें किनारे पर रखें, ताकि दीपक और जल के पात्र के लिए जगह बनी रहे।
करवा और जल का पात्र पहले ही रखें
करवा चौथ की पूजा में करवे का विशेष स्थान है। अलग-अलग परिवारों में मिट्टी अथवा धातु का करवा इस्तेमाल किया जाता है। घर में जिस प्रकार के करवे की परंपरा है, उसे साफ करके तैयार रखें। साथ ही चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए जल का लोटा या उपयुक्त पात्र भी व्यवस्थित कर लें। करवा और अर्घ्य के पात्र में क्या रखना है, यह परिवार की प्रचलित विधि के अनुसार तय करें। पूजा शुरू होने से पहले यह देख लें कि पात्र ठीक स्थिति में है और उससे पानी रिस तो नहीं रहा।
दीपक के साथ बत्ती और घी भी रखें
थाली में दीपक रखने के साथ उसे जलाने की पूरी तैयारी भी जरूरी है। रुई की बत्ती, घी या परिवार की परंपरा के अनुसार इस्तेमाल होने वाला तेल पहले से निकाल लें। माचिस भी पास रखें, जिससे पूजा के समय उसे तलाशना न पड़े। दीपक को थाली में स्थिर जगह पर रखें। उसके आसपास कपड़ा, कागज या सजावटी सामान न रखें। यदि छत या खुले स्थान पर पूजा करनी है तो थाली ले जाते समय विशेष सावधानी बरतें। जलते दीपक को ऐसी जगह रखें, जहां हाथ बढ़ाने या सामग्री उठाने के दौरान उससे टकराने की आशंका कम हो।
छलनी, रोली और अक्षत न भूलें
कई परिवारों में छलनी से चंद्रमा और उसके बाद पति का चेहरा देखने की परंपरा है। यदि आपके घर में यह रीति निभाई जाती है तो छलनी को साफ करके पहले ही रख लें। पूजा के लिए रोली या कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, फूल और कलावा भी तैयार किया जा सकता है। इन वस्तुओं को छोटी कटोरियों में रखने से इस्तेमाल करना आसान रहता है। सामग्री की मात्रा जरूरत के अनुसार रखें। किसी खास वस्तु या अतिरिक्त सामग्री को लेकर संशय हो तो घर की बुजुर्ग महिलाओं से पहले ही जानकारी ले लें।
प्रसाद और श्रृंगार सामग्री करें व्यवस्थित
पूजा में चढ़ाने के लिए मिठाई, फल या घर की परंपरा के अनुसार बनने वाला प्रसाद पहले ही तैयार कर लें। खाने की चीजों को साफ बर्तन में ढककर रखें और दीपक से पर्याप्त दूरी पर रखें। कुछ परिवारों में चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, चुनरी तथा अन्य सुहाग सामग्री भी पूजा में रखी जाती है। वहीं, बायना देने की परंपरा होने पर उसके लिए मिठाई, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री या शगुन अलग तैयार किया जा सकता है। इन सभी चीजों को एक ही थाली में भरने के बजाय जरूरत के अनुसार अलग थाल या टोकरी में रखें।
कथा और पूजा स्थान की तैयारी भी जरूरी
पूजा की थाली के साथ पूजा स्थान भी पहले से व्यवस्थित कर लें। साफ चौकी, आसन और अपनी परंपरा के अनुसार पूजित देवी-देवताओं का चित्र या प्रतिमा रखें। यदि कथा पढ़ी या सुनी जाती है तो उसकी पुस्तक पहले से निकाल लें। सामूहिक पूजा में शामिल होने वाली महिलाएं यह पता कर लें कि कौन-सा सामान अपने साथ लाना है। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा का क्रम पहले समझ लें, जिससे समय पर असमंजस न हो। घर की पारिवारिक विधि के अनुसार तैयारी करने से अनावश्यक खरीदारी भी बच सकती है।
चांद निकलने से पहले अंतिम बार मिलाएं सामान
शाम की पूजा और चंद्र दर्शन की सामग्री अलग-अलग व्यवस्थित रखने से सहूलियत होती है। थाली उठाने से पहले करवा, छलनी, दीपक, जल, प्रसाद और छोटी कटोरियां एक बार जांच लें। व्रत खोलने के लिए पीने का साफ पानी और भोजन भी तैयार रखें। छत या बालकनी में जाने का रास्ता साफ रखें और थाली इतनी भारी न बनाएं कि संभालना मुश्किल हो। तैयारी का उद्देश्य पूजा को सहज बनाना है। परिवार की परंपरा के अनुरूप जरूरी सामान पहले से जुटा लेने पर चांद निकलने के समय पूरा ध्यान पूजा और परिवार के साथ त्योहार मनाने पर रहेगा।
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