धर्म-अध्यात्म

गुरु के राशि परिवर्तन से किस राशि पर पड़ेगा क्या प्रभाव ...जाने सब कुछ एक क्लिक पर

Subhi
6 April 2021 4:49 AM GMT
गुरु के राशि परिवर्तन से किस राशि पर पड़ेगा क्या प्रभाव ...जाने सब कुछ एक क्लिक पर
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बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है। इसके प्रभाव से तरक्की के मौके मिलते हैं। ये ज्ञान, कर्म, धन, पुत्र और विवाह का भी कारक माना जाता है।

बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है। इसके प्रभाव से तरक्की के मौके मिलते हैं। ये ज्ञान, कर्म, धन, पुत्र और विवाह का भी कारक माना जाता है। इसी ग्रह के प्रभाव से कुछ लोग अध्यात्म में बहुत आगे बढ़ जाते हैं। ये ग्रह ज्ञान देने वाला होता है। माना जाता है कि देव गुरु बृहस्पति आध्यात्मिक ज्ञान और बुद्धि को प्रभावित करता है। अगर किसी व्यक्ति पर बृहस्पति का शुभ प्रभाव होता है उसे किसी चीज की कमी नहीं होती है। साथ ही यश और सम्मान प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि बृहस्पति के राशि बदलने के कारण लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार करने वाले लोगों को स्थान परिवर्तन के साथ सुखद संकेत प्राप्त होगा। वहीं, जो लोग राजनीति से जुड़े हैं उन्हें जनता का सहयोग मिल सकता है। साथ ही बुद्धि और ज्ञान में बढ़ोत्तरी होती है। सेहत संबंधी परेशानियां भी कम हो सकती हैं। इसके अलावा जॉब-बिजनेस और अन्य कई मामलों में निष्पक्ष फैसले भी होने के योग भी बन रहे हैं। आइए जानते हैं गुरु के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

मेष राशि:

11 वें स्थान में बृहस्पति लाभ के योग बना रहा है। व्यवसाय अथवा नौकरी करने वाले व्यक्तियों को उनके परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा।

वृष राशि:

दशम भाव में बृहस्पति का आगमन कार्य सिद्धि योग बनाता है। समय-समय पर लाभ प्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ति होगी। धन लाभ के नए-नए स्रोत बनेंगे।

मिथुन राशि:

भाग्य भाव में बृहस्पति का आगमन बहुत अच्छा रहेगा। धन लाभ लगातार होता रहेगा, किंतु व्यय की भी अधिकता रहेगी। घर में मंगल कार्यों में व्यस्त होने के योग हैं।

कर्क राशि:

अष्टम भाव में बृहस्पति का आगमन शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के फल देने वाला है। लाभ कम रहेगा। देनदारी अधिक होने से मानसिक परेशानी हो सकती है। क्रोध से बचें और लेन-देन में सावधानी बरतें।

सिंह राशि:

सप्तम भाव में बृहस्पति का आगमन शुभ रहेगा, किंतु अनावश्यक चिंता एवं मानसिक तनाव बना रहेगा। किसी मित्र के संपर्क में आकर नया कार्य करने का योग हैं। पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन भली प्रकार करेंगे।

कन्या राशि:

छठे भाव में बृहस्पति धन लाभ करेंगे। किंतु इस समय आपको अपने विरोधियों से भी सावधान रहना है। परिवार में मंगल कार्य होने की संभावना है। अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें। छोटी-मोटी यात्रा का भी योग हैं।

तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए कुंभ के बृहस्पति सुख देने वाले हैं। आय के स्रोत निरंतर बने रहेंगे। कार्यकुशलता बढ़ेगी। संतान पक्ष से संतुष्टि रहेगी। राजनीतिक लोगों से संपर्क बढ़ेगा। प्रतिष्ठा एवं सम्मान के योग बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि:

चतुर्थ भाव में कुंभ के बृहस्पति धन हानि करा सकता है। परिवार से वैचारिक मतभेद रहेगा। यद्यपि धन लाभ होता रहेगा किंतु अनावश्यक खर्च भी लगातार बने रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खर्चों पर कंट्रोल रखें।

धनु राशि:

तृतीय स्थान में बृहस्पति का संचरण खुशियां लेकर आ रहा है। मित्रों से और शुभचिंतकों से लाभ होता रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। कोई लंबित कार्य पूरा होने योग हैं।किंतु क्रोध पर नियंत्रण रखें। इससे आपको स्वास्थ्य हानि हो सकती है।

मकर राशि:

मकर राशि वालों के लिए यह वर्ष शुभ-अशुभ दोनों परिणाम देने वाला है। परिवार में मंगल कार्य होंगे। व्यर्थ की चिंताएं बढ़ेंगी। मानसिक परेशानी से आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। परिवार के वरिष्ठ जनों का आशीर्वाद आपको मिलेगा।

कुंभ राशि:

कुंभ राशि वालों के लिए जन्म के बृहस्पति यद्यपि अशुभ रहते हैं। किंतु जितनी भागदौड़ एवं परिश्रम करेंगे उतना लाभ आपको होता रहेगा। अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना है क्योंकि प्रथम भाव में बृहस्पति शारीरिक विकार दे सकते हैं।

मीन राशि:

मीन राशि वालों के लिए 12 वें स्थान के बृहस्पति शुभ नहीं होते हैं। अनावश्यक खर्च के साथ साथ मिथ्या आरोप का भी योग बन सकता है। इसीलिए वाद-विवाद से बचें।

गुरू के उपाय:

देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए व्यक्ति को हर दिन ॐ भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप एक माला तक करना चाहिए। साथ ही संभव हो तो भगवान विष्णु को पीले रंग के फल का भोग लगाना चाहिए और उसे प्रसाद के रूप में बांटना चाहिए। देवगुरु को प्रसन्न करने के लिए बृहस्पतिवार के दिन दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, बेसन के लड्डू आदि किसी योग्य ब्राह्मण को दान करें। साथ ही केले के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। अगर किसी जातक को रोग, शत्रु जैसी परेशानियां हैं तो उन्हें नियमित रुप से राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। देवगुरु बृहस्पति का यह उपाय परम कल्याणकारी सिद्ध होगा। प्रतिदिन भगवान श्री विष्णु की आराधना के बाद हल्दी और चंदन का तिलक करें। किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए निकलते समय इस उपाय को अवश्य करें। इससे सफलता प्राप्त होती है।


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