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धर्म-अध्यात्म
Vastu tips: बेडरूम डिजाइन करते वक्त भूलकर भी न करें ये गलती, इन बातों का रखें खास ध्यान
Shubhra Nandy
2 April 2021 11:45 AM IST

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किसी भी घर में बेडरूम सबसे अहम स्थान होता है। यह वो कक्ष है जहां व्यक्ति अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा व्यतीत करता है।
जनता से रिश्ता वेबडेस्क| किसी भी घर में बेडरूम सबसे अहम स्थान होता है। यह वो कक्ष है जहां व्यक्ति अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा व्यतीत करता है। इस कक्ष में विद्यमान उर्जायें व्यक्ति के व्यवहार, विचार और भावनाओं को अत्यधिक प्रभावित करती है। यहां तक की सोते वक्त भी आपका अवचेतन मस्तिष्क बेडरूम में मौजूद उर्जाओं से निरंतर प्रभावित हो रहा होता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो जाता है कि आपका बेडरूम वास्तु सम्मत हो और यहां प्रवाहित होने वाली उर्जाये सकारात्मक हो। तो आइये वास्तुकार संजय कुड़ी से जानते है बेडरूम बनाने के लिए वास्तु सम्मत चार दिशायें कौनसी होती है-
दक्षिण दिशा में बेडरूम-
बेडरूम बनाने के लिए यह दिशा उत्तम मानी जाती है। दक्षिण दिशा में बना बेडरूम व्यक्ति को मानसिक रूप से शांति और सुकून प्रदान करता है। यहां पर स्थित बेडरूम विशेष रूप से घर के बुजुर्ग सदस्यों के लिए अधिक बेहतर माना जाता है। हालाँकि सामान्यतया विद्यार्थियों को इस बेडरूम का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
नैऋत्य दिशा में बेडरूम-
दक्षिण-पश्चिम दिशा को नैऋत्य दिशा के रूप में भी जाना जाता है। इस दिशा का संबंध पृथ्वी तत्व से होता है। ऐसे में यहाँ बना बेडरूम व्यक्ति को जीवन में स्थिरता प्रदान करता है। यहाँ पर बना बेडरूम घर के ऐसे सदस्यों के लिए उपयुक्त है जो कि घर के वरिष्ठ सदस्य है या फिर कि घर चलाने में सबसे अहम भूमिका निभाते है। फील्ड वर्क के पेशे से जुड़े लोगों के लिए यहाँ स्थित बेडरूम सबसे अच्छा विकल्प नहीं माना जाता है। अतः इस प्रकार के व्यवसाय से जुड़े लोग यहाँ ना सोये।
पश्चिमी नैऋत्य में बेडरूम-
पश्चिमी नैऋत्य का संबंध इस प्रकार की उर्जाओं से होता है जो कि व्यक्ति को किसी भी विषय के संबंध में ज्ञान ग्रहण करने की क्षमता में वृद्धि करती है। विद्यार्थियों के लिए यहाँ पर बेडरूम बनाया जा सकता है। यह पढाई में उनका अधिक मन लगाने में सहायक सिद्ध होगा।
पश्चिम दिशा में बेडरूम-
वास्तु शास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा बेडरूम बनाने के लिए एक बहुत अच्छा विकल्प है। यहाँ पर सोने वाले व्यक्ति को जीवन में अपनी मेहनत का सकारात्मक और उचित परिणाम प्राप्त होता है। इस दिशा में स्थित बेडरूम में हरे या लाल रंग का प्रयोग दीवारों सहित अन्य वस्तुओं के रूप में भी न करे तो बेहतर होगा।
ध्यान रखने योग्य कुछ बातें-
अगर आपके पास उपर बताये गए विकल्प बेडरूम बनाने के लिए मौजूद नहीं हो तो आप वायव्य या पूर्व दिशा में भी शयन कक्ष का निर्माण कर सकते है। बेडरूम में प्रयुक्त किया जाने वाले रंग हल्के होने चाहिए। इस कक्ष में नकारात्मक चित्रों वाली पेंटिंग्स या कलाकृति बिलकुल भी नहीं रखी जानी चाहिए।
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