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Main door के सामने शौचालय होने पर वास्तु दोष का दावा

New Delhi नई दिल्ली : कई घरों और फ्लैट्स में जगह की कमी या सुविधा के चलते मेन गेट के पास ही छोटा वॉशरूम बना लिया जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र और फेंगशुई के अनुसार इसे शुभ नहीं माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जा प्रवेश करती है।
वास्तु और फेंगशुई मान्यताओं के अनुसार यदि मुख्य दरवाजे के पास ही वॉशरूम बना हो तो यह घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। माना जाता है कि इससे घर के वातावरण, सुख-शांति और पारिवारिक संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग इसे सिर्फ डिजाइन या स्पेस मैनेजमेंट का हिस्सा मान लेते हैं, लेकिन पारंपरिक वास्तु सिद्धांत इसे उचित नहीं मानते। मुख्य द्वार को घर की समृद्धि और ऊर्जा का प्रवेश बिंदु माना जाता है, ऐसे में इसके पास शौचालय होना ऊर्जा प्रवाह में बाधा पैदा कर सकता है।
हालांकि, यह भी कहा जाता है कि यदि घर में पहले से ऐसा निर्माण मौजूद है तो घबराने की जरूरत नहीं है। फेंगशुई और वास्तु में कुछ सरल उपाय बताए गए हैं, जिनकी मदद से इसके नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।इन उपायों में मुख्य द्वार और वॉशरूम के बीच उचित विभाजन, दरवाजे को हमेशा बंद रखना और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना शामिल माना जाता है। कुछ लोग ऊर्जा संतुलन के लिए विशेष वस्तुओं और रंगों का भी उपयोग करते हैं।
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार घर का वातावरण काफी हद तक उसकी बनावट और ऊर्जा प्रवाह पर निर्भर करता है। इसलिए निर्माण या डिजाइन करते समय इन बातों का ध्यान रखना बेहतर माना जाता है, ताकि घर में सकारात्मक माहौल बना रहे।कुल मिलाकर, वास्तु और फेंगशुई के अनुसार घर के मुख्य द्वार के पास वॉशरूम होना शुभ नहीं माना जाता, लेकिन सही उपायों से इसके प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है।





