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वरदा चतुर्थी : अधिकमास की वरदा चतुर्थी – आज या कल? सही तारीख और मुहूर्त

nidhi
19 May 2026 3:21 PM IST
वरदा चतुर्थी : अधिकमास की वरदा चतुर्थी – आज या कल? सही तारीख और मुहूर्त
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वरदा चतुर्थी
Varada Chaturthi 2026 : अधिकमास की वरदा चतुर्थी आज 19 मई को है या कल 20 मई को? दरअसल ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दोनों ही दिन प्राप्त हो रही है, लेकिन कुछ जगहों पर वरदा चतुर्थी की तारीख आज बताई जा रही है. यह सही है या नहीं? इसके बारे में पंचांग से विचार करना होगा. शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि में चंद्रमा का दर्शन वर्जित होता है, इसलिए इसमें व्रत के लिए उदयातिथि की मान्यता होती है, न कि चंद्रोदय समय की. आइए जानते हैं अधिकमास की वरदा चतुर्थी की सही तारीख, मुहूर्त और महत्व के बारे में.
अधिकमास की वरदा चतुर्थी 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, अधिकमास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि आज 19 मई को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट से शुरू हो रही है. यह तिथि 20 मई को दिन में 11 बजकर 6 मिनट तक मान्य रहेगी. उदयातिथि के आधार पर वरदा चतुर्थी का व्रत 20 मई बुधवार को है. इस व्रत में चंद्रमा की पूजा नहीं होती है, इस वजह से व्रत के लिए चंद्रोदय का समय नहीं लेते हैं.
2 शुभ संयोग में वरदा चतुर्थी व्रत
20 मई को वरदा चतुर्थी का व्रत 2 शुभ संयोग में पड़ रहा है. वरदा चतुर्थी के दिन रवि योग और बुधवार व्रत का शुभ संयोग बना है. बुधवार का दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा के लिए समर्पित हैं और चतुर्थी तिथि भी उनका ही दिन है. वहीं वरदा चतुर्थी पर रवि योग सुबह में 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 06 बजकर 11 मिनट तक है.
वरदा चतुर्थी 2026 मुहूर्त
वरदा चतुर्थी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक है. उस समय में शुभ-उत्तम मुहूर्त रहेगा. इससे पहले लाभ-उन्नति मुहूर्त 05:28 ए एम से 07:10 ए एम तक और अमृत-सर्वोत्तम 07:10 ए एम से 08:53 ए एम तक रहेगा.
इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:05 ए एम से लेकर 04:46 ए एम तक है. इस समय में आप स्नान करके व्रत और पूजा का संकल्प करें. इस​ दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है.
14 घंटे 25 मिनट वर्जित रहेगा चंद्र दर्शन
वरदा चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना है क्योंकि इससे झूठा कलंक लगता है. इस दिन वर्जित चंद्र दर्शन का समय 14 घंटे 25 मिनट है. इस दिन चंंद्रोदय सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर होगा और चंद्रास्त रात 11 बजकर 8 मिनट पर होगा. चंद्रोदय से चंद्रास्त तक आपको चंद्रमा नहीं देखना है.
वरदा चतुर्थी का महत्व
वरदा चतुर्थी का व्रत करने से व्यक्ति को वरदान की प्राप्ति होती है. इस व्रत के दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जीवन के संकट दूर होते हैं और शुभता बढ़ती है. गणेश जी की कृपा से सुख और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है.
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