धर्म-अध्यात्म

उज्जैन मंदिरों में गर्मी से राहत के उपाय, भगवान के लिए शीतल भोग और चंदन लेप

nidhi
26 April 2026 12:51 PM IST
उज्जैन मंदिरों में गर्मी से राहत के उपाय, भगवान के लिए शीतल भोग और चंदन लेप
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उज्जैन में देव प्रतिमाओं की शीतल सेवा शुरू
Ujjain : विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में मौसम के अनुसार मंदिरों की दिनचर्या बदलती नजर आ रही है. भीषण गर्मी को देखते हुए अब भगवान की सेवा में ठंडक का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. कहीं मंदिरों में AC लगाए गए हैं, तो कहीं शीतल भोग अर्पित किया जा रहा है, ताकि भक्तों के साथ-साथ भगवान को भी राहत मिल सके.
महाकाल की नगरी उज्जैन इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोग राहत के उपाय खोज रहे हैं. धार्मिक आस्था के इस शहर में केवल लोग ही नहीं, बल्कि मंदिरों में विराजित देवी-देवताओं की सेवा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. भगवान को तपिश से बचाने के लिए कोई मामूली चंदन का लेप नहीं बल्कि मलय पर्वत (उड़ीसा) का लेप भगवान को लगाया जा रहा है. साथ ही शीतल भोग और मंदिरों में ठंडक के खास इंतजाम किए जा रहे हैं.
इस्कॉन मंदिर के पंडित राघव दास ने कहा कि हम तो मनुष्य हैं, लेकिन भगवान तो देवता, प्रभु हैं. वे प्रेम का स्वरूप हैं. उसी भाव से हम उनकी सेवा करते हैं. यह मंदिर भगवान का है, तो पहला अधिकार उन्हीं का है. भगवान कृपा करके विग्रह रूप में आते हैं. हमलोग से प्रेम करते हैं और सेवा लेते हैं. भगवान कृष्ण राधा को ठंडक देने के लिए एसी के साथ मलय पर्वत जो की उड़ीसा में है. वहा का चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है. गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा इसके लिए भगवान को शीतलता व ठंडक प्रदान करने के लिए रोजाना चार लोग चंदन का लेप को तैयार कर रहे हैं. करीब 30 किलो चन्दन को एकत्रित कर भगवान को लगाया जाएगा, जिससे भगवान को इस तपती गर्मी मे ठंडक मिले.
महाकाल को भी दी जा रही है ठंडक
उज्जैन में बाबा महाकाल की सेवा में गर्मी से राहत के विशेष इंतजाम किए गए हैं. गर्भगृह में 11 मटकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 11 पवित्र नदियों का जल भरा जाता है. यह परंपरा भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए वर्षों से निभाई जा रही है. मान्यता है कि इससे भक्तों पर भी कृपा बनी रहती है. इस वर्ष वैशाख कृष्ण प्रतिपदा का शुभारंभ अप्रैल से हो चुका है, जिसके साथ ही यह विशेष सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है.
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