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धर्म-अध्यात्म
दिसंबर में दो Pradosh व्रत, शिवभक्तों के लिए विशेष अवसर
Harrison
24 Nov 2025 8:08 PM IST

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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : दिसंबर 2025 में भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक सुनहरा अवसर आने वाला है, क्योंकि इस महीने दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे। प्रदोष व्रत को हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह भगवान शिव की आराधना का विशेष समय होता है। इसे करने से व्यक्ति के जीवन से पाप दूर होते हैं और सुख, समृद्धि व स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
भक्त इस दिन व्रत रखते हुए भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। प्रदोष व्रत विशेष रूप से चतुर्थी से अधिक महत्व रखता है क्योंकि यह त्रयोदशी तिथि के संयोग में आता है। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना और जीवन में नकारात्मकताओं से मुक्ति पाना होता है।
इस बार दिसंबर महीने में पहला प्रदोष व्रत 13 दिसंबर को, और दूसरा प्रदोष व्रत 28 दिसंबर को पड़ेगा। दोनों व्रत सोमव्रत या शिवभक्तों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। प्रदोष व्रत का शुभ समय संध्या के समय, अर्थात सूर्यास्त के ठीक पहले और बाद में होता है। इस समय भगवान शिव का ध्यान और ध्यानपूर्वक पूजा करने से व्रत का फल अधिक मिलता है।
पूजा विधि इस प्रकार है कि व्रती दिनभर हल्का आहार या निर्जल व्रत रखते हैं। शाम को स्नान के बाद भगवान शिव के मंदिर या घर के शिवलिंग के सामने दीपक जलाकर पूजा शुरू करते हैं। इस पूजा में पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है और बेल पत्र चढ़ाए जाते हैं। इसके बाद धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। भक्त “ॐ नमः शिवाय” का जाप कर भगवान शिव की स्तुति करते हैं।
प्रदोष व्रत का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं है, बल्कि इसे मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी विशेष माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए व्रत और पूजा से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति बनी रहती है। पुराने शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति नियमित रूप से प्रदोष व्रत करता है, उसके जीवन में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है और पारिवारिक जीवन में सौहार्द बढ़ता है।
इस वर्ष दिसंबर में आए दो प्रदोष व्रत शिवभक्तों के लिए आशीर्वाद का अवसर लेकर आए हैं। विशेष रूप से जो लोग अपने जीवन में नकारात्मकताओं से मुक्ति और आध्यात्मिक विकास की चाह रखते हैं, उनके लिए यह समय बेहद शुभ है। प्रदोष व्रत का पालन करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और जीवन में कठिन परिस्थितियों में भी उनका आशीर्वाद बना रहता है।
इस अवसर पर विशेष पूजा कार्यक्रम और मंदिरों में भव्य आयोजन भी किए जाते हैं। भक्त व्रत के दिन मंदिरों में भगवान शिव की आराधना और भजन-कीर्तन में भाग लेकर पुण्य कमाते हैं। ऐसे आयोजन लोगों में सामूहिक भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।
अतः इस दिसंबर में आने वाले प्रदोष व्रत को अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह न केवल धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि आत्मिक शांति, मानसिक सशक्तिकरण और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी अवसर है। भक्त इस दिन उपवास और पूजा के माध्यम से भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को संतुलित और सुखमय बना सकते हैं।
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