धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 6 सितंबर 2026

Subhi
6 Sept 2026 6:22 AM IST
Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 6 सितंबर 2026
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शक संवत 1948, भाद्रपद, कृष्ण, दशमी, रविवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 6 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल शाम 05 बजकर 03 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक। दशमी तिथि सायं 07 बजकर 29 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।

शक संवत 1948, भाद्रपद, कृष्ण, दशमी, रविवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 6 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल शाम 05 बजकर 03 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक। दशमी तिथि सायं 07 बजकर 29 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।

आर्द्रा नक्षत्र सायं 07 बजकर 52 मिनट तक उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग प्रातः 09 बजकर 45 मिनट तक उपरांत व्यतीपात योग का आरंभ। वणिज करण प्रातः 08 बजकर 41 मिनट तक उपरांत विष्टि (भद्रा) करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:01 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:37 बजे

चंद्रोदय का समय: मध्यरात्रि 01:40 बजे (7 सितंबर)

चंद्रास्त का समय: दोपहर 03:09 बजे (6 सितंबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मिथुन राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 6 सितंबर 2026 :

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह में 03 बजकर 55 मिनट से सुबह 04 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : सुबह 10 बजकर 33 मिनट से दोपहर 12 बजकर 03 मिनट तक रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 6 सितंबर 2026 :

उद्वेग (सामान्य) : सुबह 06 बजकर 01 मिनट से 07 बजकर 36 मिनट तक।

चर (सामान्य) : सुबह 07 बजकर 36 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।

लाभ (उन्नति) : सुबह 09 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।

अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 6 सितंबर 2026 :

राहुकाल : शाम 05 बजकर 03 मिनट से 06 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।

गुलिक काल : दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से शाम 05 बजकर 03 मिनट तक रहेगा।

यमगंड : दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 01 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

आज का उपाय : आज रविवार के दिन भगवान सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें, उसमें लाल फूल और रोली मिलाएं तथा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

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