धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 27 मई 2026

Subhi
27 May 2026 6:14 AM IST
Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 27 मई 2026
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अंग्रेजी तारीख 27 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक। एकादशी तिथि प्रातः 06 बजकर 21 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ। हस्त नक्षत्र प्रातः 05 बजकर 56 मिनट तक उपरांत चित्रा नक्षत्र का आरंभ। व्यतीपात योग अगले दिन प्रातः 03 बजकर 25 मिनट (28 मई) तक उपरांत वरीयान योग का आरंभ। विष्टि (भद्रा) करण प्रातः 06 बजकर 21 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चंद्रमा सायं 07 बजकर 00 मिनट तक कन्या राशि पर उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

शुक्ल एकादशी प्रातः 06:21 बजे तक, फिर द्वादशी

योग व्यतीपात अगले दिन प्रातः 03:25 बजे (28 मई) तक, फिर वरीयान

करण विष्टि (भद्रा) प्रातः 06:21 बजे तक

करण बव सायं 07:06 बजे तक, फिर बालव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:25 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 07:12 बजे

चंद्रोदय का समय दोपहर 03:51 बजे

चंद्रास्त का समय रात्रि 03:01 बजे (28 मई)

आज के व्रत त्योहार पद्मिनी एकादशी।

आज का शुभ मुहूर्त 27 मई 2026

अभिजीत मुहूर्त: आज कोई नहीं है।

अमृत काल रात्रि 01 बजकर 09 मिनट (28 मई) से रात्रि 02 बजकर 54 मिनट (28 मई) तक।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 53 मिनट से 4 बजकर 39 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 27 मई 2026 :

दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक राहुकाल रहेगा।

सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।

सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव हस्त और चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

हस्त नक्षत्र: प्रातः 05:56 बजे तक

स्थान: 23°20’ कन्या राशि से 6°40’ तुला राशि तक

नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव

राशि स्वामी: बुधदेव और शुक्रदेव

देवता: त्वष्टा (सृजन और निर्माण के देवता)

प्रतीक: चमकता हुआ रत्न

सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग बुद्धिमान, सुंदर और आकर्षक आंखों वाले होते हैं।

ये कलाप्रेमी, रचनात्मक और मजबूत इच्छाशक्ति के धनी होते हैं। स्वभाव से साहसी और ऊर्जावान होने के साथ-साथ चीजों को देखने की इनकी नजर बहुत पारखी होती है।

पद्मिनी एकादशी 2026

एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 मई, सुबह 05:10 बजे

एकादशी तिथि समाप्त: 27 मई, सुबह 06:21 बजे

व्रत पारण समय: 28 मई, सुबह 05:25 से 07:56 बजे तक

धार्मिक दृष्टि से अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। इस मास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में श्रीहरि की पूजा करने से कई गुना अधिक पुण्य मिलता है। यह व्रत जीवन में आत्मिक शुद्धि लाने का एक बहुत सटीक माध्यम है।

आज का उपाय : आज भगवान विष्णु के समक्ष दीप जलाएं और उन्हें तुलसी दल अर्पित करें। बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल का दान करना और गाय को हरा चारा खिलाना बहुत शुभ होता है। यह कार्य धार्मिक नियमों के सुंदर और सफल संचालन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।

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