धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 26 मई 2026

Subhi
26 May 2026 6:19 AM IST
Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 26 मई 2026
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अंग्रेजी तारीख 26 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक। एकादशी तिथि पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक) रहेगी। हस्त नक्षत्र पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक) रहेगा। सिद्धि योग अगले दिन प्रातः 03 बजकर 11 मिनट (27 मई) तक उपरांत व्यतीपात योग का आरंभ। वणिज करण सायं 05 बजकर 42 मिनट तक उपरांत विष्टि (भद्रा) करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कन्या राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: शुक्ल एकादशी – पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक)

योग: सिद्धि – अगले दिन प्रातः 03:11 बजे (27 मई) तक, फिर व्यतीपात

करण: वणिज – सायं 05:42 बजे तक

करण: विष्टि (भद्रा) – पूरी रात

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सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:25 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 07:11 बजे

चंद्रोदय का समय दोपहर 02:55 बजे

चंद्रास्त का समय रात्रि 02:32 बजे (27 मई)

आज के व्रत त्योहार पद्मिनी एकादशी (अधिक मास एकादशी)।

आज का शुभ मुहूर्त 26 मई 2026 :

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।

अमृत काल रात्रि 11 बजकर 29 मिनट से मध्यरात्रि 01 बजकर 13 मिनट (27 मई) तक।

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 53 मिनट से 4 बजकर 39 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 26 मई 2026 :

दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक राहुकाल रहेगा।

दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक गुलिक काल रहेगा।

सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

हस्त नक्षत्र: पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक)

स्थान: 10°00’ कन्या राशि से 23°20’ कन्या राशि तक

नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव

राशि स्वामी: बुधदेव

देवता: सविता (सूर्य देव का एक रूप)

प्रतीक: हाथ या बंद मुट्ठी-

सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग निडर, साहसी और उपकारी होते हैं। ये स्वभाव से मेहनती, फुर्तीले और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होते हैं। बुद्धिमान होने के साथ-साथ ये शारीरिक कार्यों में बहुत निपुण और सफल सिद्ध होते हैं।

आज का उपाय : आज भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले फूल व तुलसी दल अर्पित करें। एकादशी के पावन अवसर पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना और पीले अन्न का दान करना मन को शुद्ध रखता है और जीवन के सुंदर कार्यों के संपादन के लिए उत्तम माना जाता है।

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