धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 2 मई 2026

Subhi
2 May 2026 6:17 AM IST
Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 2 मई 2026
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अंग्रेजी तारीख 02 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक। प्रतिपदा तिथि रात्रि 12 बजकर 49 मिनट (03 मई) तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ। विशाखा नक्षत्र पूरी रात रहेगा। व्यतिपात योग रात्रि 09 बजकर 45 मिनट तक उपरांत वरीयान योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 11 बजकर 49 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा रात्रि 12 बजकर 30 मिनट तक तुला राशि पर उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

कृष्ण प्रतिपदा – रात्रि 12:49 बजे (03 मई) तक, फिर द्वितीया

योग व्यतिपात – रात्रि 09:45 बजे तक, फिर वरीयान

करण बालव – प्रातः 11:49 बजे तक

करण कौलव – रात्रि 12:49 बजे (03 मई) तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:40 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:57 बजे

चंद्रोदय का समय सायं 07:50 बजे

चंद्रास्त का समय चंद्रास्त नहीं

आज के व्रत त्योहार नारद जयंती

आज का शुभ मुहूर्त 02 मई 2026

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक

अमृत काल रात्रि 09 बजकर 25 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 11 मिनट से 4 बजकर 55 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 02 मई 2026 :

राहुकाल

सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक।

गुलिक काल सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक।

यमगंड दोपहर 01:30 से 03:30 बजे तक।

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव विशाखा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

विशाखा नक्षत्र: पूरी रात

नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव

राशि स्वामी: शुक्रदेव और मंगलदेव

देवता: इंद्राग्नि (इंद्र और अग्नि का संयुक्त रूप)

प्रतीक: विजय द्वार या कुम्हार का चाक

सामान्य विशेषताएं: अत्यंत साहसी, धैर्यवान, बुद्धिमान, ईमानदार, न्यायप्रिय और मजबूत इच्छाशक्ति वाले।

नारद जयंती 2026

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ:

02 मई, रात 10:52 बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्त: 03 मई, रात 12:49 बजे

ज्येष्ठ मास की प्रतिपदा तिथि को देवर्षि नारद मुनि के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्हें ब्रह्मांड का दिव्य संदेशवाहक और धरती का प्रथम पत्रकार माना गया है। नारद मुनि भगवान नारायण के परम भक्त हैं। लोक-कल्याण हेतु उनके द्वारा किया गया संवाद हमेशा सत्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दिन श्रद्धालु ज्ञान और संवाद कुशलता के लिए उनकी विशेष पूजा करते हैं।

आज का उपाय : आज शनि देव की पूजा करें और उन्हें सरसों का तेल व काले तिल अर्पित करें। शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के पास दीपदान करना जीवन के सही संचालन में आने वाली बाधाओं को दूर करता है।

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