धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 13 मई 2026

Subhi
13 May 2026 6:16 AM IST
Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 13 मई 2026
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अंग्रेजी तारीख 13 मई 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक। एकादशी तिथि दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात्रि 12 बजकर 17 मिनट (14 मई) तक उपरांत रेवती नक्षत्र का आरंभ। विष्कुम्भ योग रात्रि 08 बजकर 55 मिनट तक उपरांत प्रीति योग का आरंभ। बालव करण दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मीन राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि

कृष्ण एकादशी – दोपहर 01:29 बजे तक, फिर द्वादशी

योग विष्कुम्भ – रात्रि 08:55 बजे तक, फिर प्रीति

करण बालव – दोपहर 01:29 बजे तक

करण कौलव – रात्रि 12:30 बजे (14 मई) तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:32 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 07:04 बजे

चंद्रोदय का समय रात्रि 03:24 बजे (14 मई)

चंद्रास्त का समय दोपहर 03:19 बजे

आज के व्रत त्योहार अपरा एकादशी।

आज का शुभ मुहूर्त 13 मई 2026 :

अभिजीत मुहूर्त:

आज कोई नहीं है

अमृत काल: सायं 07 बजकर 41 मिनट से रात्रि 09 बजकर 13 मिनट तक

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 01 मिनट से 4 बजकर 46 मिनट तक

आज का अशुभ मुहूर्त 13 मई 2026 :

दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक राहुकाल रहेगा।

सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।

सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक यमगंड रहेगा।

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र: रात्रि 12:17 बजे (14 मई) तक

स्थान: 3°20’ मीन राशि से 16°40’ मीन राशि तक

नक्षत्र स्वामी: शनिदेव

राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव

देवता: अहिर्बुध्न्य (गहरे जल के नाग देवता)

प्रतीक: शवपेटिका या अर्थी

सामान्य विशेषताएं: इस नक्षत्र में जन्मे लोग शांत, एकांतप्रिय और दूसरों की सहायता करने वाले होते हैं। ये स्वभाव से दयालु, आध्यात्मिक और प्रकृति से प्रेम करने वाले होते हैं। स्वतंत्र विचारों के साथ-साथ इनमें गहरी तर्कशक्ति और कर्मठता होती है।

अपरा एकादशी 2026

एकादशी तिथि प्रारंभ: 12 मई, दोपहर 02:52 बजे

एकादशी तिथि समाप्त: 13 मई, दोपहर 01:29 बजे

व्रत पारण समय: 14 मई, सुबह 05:31 से 08:14 बजे तक

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी 'अपरा एकादशी' कहलाती है। इस पावन दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से अनजाने में हुए पापों का अंत होता है। यह व्रत जातक को अपार सुख-समृद्धि और समाज में मान-सम्मान दिलाता है।

आज का उपाय : आज भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें। बुधवार के दिन अपरा एकादशी का संयोग होने से गौ माता को हरा चारा खिलाना और भगवान कृष्ण की पूजा करना जीवन के संचालन में सुख-शांति लाता है।

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