धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 29 सितंबर 2026

Subhi
29 Sept 2026 6:28 AM IST
Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 29 सितंबर 2026
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शक संवत 1948, आश्विन, कृष्ण, तृतीया, मंगलवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 29 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, शरद ऋतु। राहुकाल दोपहर 03 बजकर 00 मिनट से शाम 04 बजकर 30 मिनट तक। तृतीया तिथि सायं 05 बजकर 09 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।

अश्विनी नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 03 मिनट तक उपरांत भरणी नक्षत्र का आरंभ। हर्षण योग अगले दिन तड़के 03 बजकर 20 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। वणिज करण प्रातः 06 बजकर 13 मिनट तक उपरांत विष्टि (भद्रा) करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन-रात मेष राशि पर संचार करेगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06:13 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:10 बजे

चंद्रोदय का समय: सायं 07:44 बजे

चंद्रास्त का समय: अगले दिन प्रातः 08:40 बजे (30 सितंबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं

आज का शुभ मुहूर्त 29 सितंबर 2026 :

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।

अमृत काल : अगले दिन तड़के 03 बजकर 06 मिनट से प्रातः 04 बजकर 36 मिनट (30 सितंबर) तक रहेगा।

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय समय : रात 07 बजकर 44 मिनट पर रहेगा।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 29 सितंबर 2026 :

रोग (सामान्य) : सुबह 06 बजकर 13 मिनट से 07 बजकर 42 मिनट तक।

उद्वेग (अशुभ) : सुबह 07 बजकर 42 मिनट से 09 बजकर 12 मिनट तक।

चर (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक।

लाभ (उन्नति) : सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 29 सितंबर 2026 :

आज का राहुकाल : दोपहर 03 बजकर 00 मिनट से शाम 04 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का गुलिक काल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

आज का यमगंड : सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 2026

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय समय: रात 07:44 बजे

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 सितंबर, शाम 05:09 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त: 30 सितंबर, दोपहर 02:55 बजे

आज का उपाय :आज मंगलवार व विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश की पूजा करें, उन्हें मोदक व दूर्वा अर्पित करें और संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।

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