धर्म-अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 23 अप्रैल 2026

Subhi
23 April 2026 6:16 AM IST
Aaj Ka Panchang : आज का पंचांग, 23 अप्रैल 2026
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दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक।अंग्रेजी तारीख 23 अप्रैल 2026 ई.। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। राहुकाल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक। सप्तमी तिथि रात्रि 08 बजकर 49 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ। पुनर्वसु नक्षत्र रात्रि 08 बजकर 57 मिनट तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का आरंभ। सुकर्मा योग प्रातः 06 बजकर 08 मिनट तक उपरांत धृति योग का आरंभ। गरज करण प्रातः 09 बजकर 45 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चंद्रमा दोपहर 03 बजकर 13 मिनट तक मिथुन राशि पर उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा।

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि:

शुक्ल सप्तमी – रात्रि 08:49 बजे तक, फिर अष्टमी

योग: सुकर्मा – प्रातः 06:08 बजे तक, फिर धृति

करण: गरज – प्रातः 09:45 बजे तक

करण: वणिज – रात्रि 08:49 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय

प्रातः 05:48 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:51 बजे

चंद्रोदय का समय प्रातः 10:58 बजे

चंद्रास्त का समय रात्रि 01:15 बजे (24 अप्रैल)

आज के व्रत त्योहार गंगा सप्तमी।

आज का शुभ मुहूर्त 23 अप्रैल 2026 :

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक।

ब्रह्म मुहूर्त

सुबह 4 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 04 मिनट तक।

अमृत काल सायं 06 बजकर 41 मिनट से रात्रि 08 बजकर 11 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 23 अप्रैल 2026 :

राहुकाल

दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक

गुलिक काल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक

यमगंड सुबह 06:00 से 07:30 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव पुनर्वसु नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

पुनर्वसु नक्षत्र: रात्रि 08:57 बजे तक

नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव

राशि स्वामी: बुधदेव और चंद्रदेव

देवता: अदिति (देवताओं की माता)

प्रतीक: धनुष और तरकश

सामान्य विशेषताएं: अत्यंत ज्ञानी, आशावादी, आत्मविश्वासी, आध्यात्मिक, सरल स्वभाव, कुशल वक्ता और दयालु।

गंगा सप्तमी 2026

सप्तमी तिथि प्रारंभ

22 अप्रैल, रात 10:49 बजे

सप्तमी तिथि समाप्त 23 अप्रैल, रात 08:49 बजे

मध्याह्न पूजा मुहूर्त सुबह 11:01 से दोपहर 01:38 बजे तक

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन मां गंगा का पुनर्जन्म हुआ था। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और मां गंगा के पूजन का विशेष महत्व है। माना जाता है कि आज के दिन गंगा जल का स्पर्श जातक के संचित पापों का शमन करता है और आध्यात्मिक शुद्धि प्रदान करता है।आज का उपाय : आज गंगा जल मिश्रित जल से स्नान करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। गुरुवार के दिन पीले फल और जल का दान करना जीवन के सही संचालन में सुख-शांति लेकर आता है।

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