धर्म-अध्यात्म

आज मासिक शिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग, जानें इसका महत्व

Shubhra Nandy
9 May 2021 8:26 AM IST
आज मासिक शिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग, जानें इसका महत्व
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हिंदू धर्म के अनुसार मासिक शिवरात्रि का बहुत महत्व है. इस दिन भक्त श्रद्धा भाव के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना करते है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| हिंदू धर्म के अनुसार मासिक शिवरात्रि का बहुत महत्व है. इस दिन भक्त श्रद्धा भाव के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना करते है. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में कृष्ण पक्ष की चतुदर्शी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है. आज मासिक शिवरात्रि का पर्व है.

इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. वैशाख महीने में पड़ रही है मासिक शिवरात्रि पर दो शुभ योग बन रहे हैं. इन शुभ योग में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है. आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि के महत्व और पूजा विधी के बारे में.
मासिक शिवरात्रि पर बन रहे हैं शुभ योग
मासिक शिवरात्रि पर इस बार प्रीति और आयुष्मान योग बन रहा है. ज्योतिष विद्या के अनुसार, इन दोनों योग में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन कोई भी कार्य करने में सफलता प्राप्त होती है. 09 मई 2021 को रात 08 बजकर 43 मिनट से प्रीति योग रहेगा. इसके बाद आयुष्मान योग आरंभ हो जाएगा.
शुभ मुहूर्त
वैशाख कृष्ण चतुदर्शी तिथि आरंभ – 09 मई रविवार को शाम 07 बजकर 30 मिनट से
वैशाख चतुर्थी समाप्त – 10 मई दिन सोमवार रात 09 बजकर 55 मिनट पर होगा.
मासिक शविरात्रि महत्व
मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती है. इस दिन विधि- विधान से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है. इस दिन व्रत करने से विवाह संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है. इसके अलावा कन्या के विवाह में आ रही परेशानियां भी दूर हो जाती है.
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
1. मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह- सुबह उठकर स्नान कर व्रत करने का संकल्प लें.
2. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें.
3. शिवलिंग पर दूध, भांग,धतूरा, बेलपत्र आदि चीजें अर्पित करें. इसके बाद धूप, दीप, फल और फूल चढ़ाएं.
4. अब भगवान शिव की स्तुति, चालीसा, शिव श्र्लोक का पाठ करने से घर में सुख समृद्धि रहती है.
मासिक शिवरात्रि के दिन संध्या के समय में पूजा करने के बाद फलाहर करें. इस दिन अनाज का सेवन न करें. शिवरात्रि के अगले दिन भगवान शिव की पूजा करें और दान- पुण्य करने के बाद व्रत का पारण करें.


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