धर्म-अध्यात्म

आज है अंगारकी चतुर्थी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Tara Tandi
5 April 2022 11:13 AM IST
आज है अंगारकी चतुर्थी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
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 आज है अंगारकी चतुर्थी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

विनायक श्री गणेश चतुर्थी आज यानी 5 अप्रैल 2022, मंगलवार को है। यूं तो विनायक चतुर्थी व्रत हर महीने के शुक्ल पक्ष में रखा जाता है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। विनायक श्री गणेश चतुर्थी आज यानी 5 अप्रैल 2022, मंगलवार को है। यूं तो विनायक चतुर्थी व्रत हर महीने के शुक्ल पक्ष में रखा जाता है। लेकिन नवरात्रि के दौरान पड़ने वाले चतुर्थी व्रत का महत्व और बढ़ रहा है। खास बात यह है कि मंगलवार के दिन विनायक चतुर्थी पड़ रही है। मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी को अंगारकी चतुर्थी के नाम से जानते हैं। मान्यता है कि आज के दिन भगवान श्रीगणेश की विधिवत पूजा करने से कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी का घर पर आगमन होता है।

अंगारकी चतुर्थी व्रत-
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए अंगारकी चतुर्थी व्रत को बेहद लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि अंगारकी चतुर्थी व्रत रखने से हर पूरे साल की चतुर्थी व्रत करने का लाभ प्राप्त होता है। मंगलवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी व्रत करने से परिवार में सुख-शांति व खुशहाली बनी रहती है।
महीने में दो बार आती है चतुर्थी तिथि-
पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी व अमावस्या के बाद आने वाली चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी कहा जाता है।
बन रहे ये शुभ योग-
अंगारकी विनायक चतुर्थी पर प्रीति योग का निर्माण हो रहा है। प्रीति योग सुबह 8 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि व रवि योग भी बन रहे हैं।
विनायक चतुर्थी अप्रैल शुभ मुहूर्त 2022-
चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 04 अप्रैल 2022 को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से हो रहा है, जो कि 05 अप्रैल को शाम 03 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि में चतुर्थी व्रत 5 अप्रैल को रखा जाएगा। भगवान श्रीगणेश की पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 11 बजकर 09 मिनट से दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक है।
विनायक चतुर्थी पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
इसके बाद घर के मंदिर में सफाई कर दीप प्रज्वलित करें।
दीप प्रज्वलित करने के बाद भगवान गणेश का गंगा जल से जलाभिषेक करें।
इसके बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।
भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं और दूर्वा अर्पित करें।
भगवान गणेश को दूर्वा अतिप्रिय होता है। जो भी व्यक्ति भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करता है, भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
भगवान गणेश की आरती करें और भोग लगाएं। आप गणेश जी को मोदक, लड्डूओं का भोग लगा सकते हैं।
इस पावन दिन भगवान गणेश का अधिक से अधिक ध्यान करें।
अगर आप व्रत रख सकते हैं तो इस दिन व्रत रखें।
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