धर्म-अध्यात्म

आषाढ़ महीने में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से छुटकारा पाने के लिए करें ये आसान उपाय

Subhi
4 July 2021 2:12 AM GMT
आषाढ़ महीने में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से छुटकारा पाने के लिए करें ये आसान उपाय
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हिंदू पंचांग में हर महीने का अपना महत्व होता है. प्रत्येक महीने में कुछ विशेष उपायों को करने से लाभ मिलता है. आषाढ़ महीना 25 जून से शुरू हो चुका है.

हिंदू पंचांग में हर महीने का अपना महत्व होता है. प्रत्येक महीने में कुछ विशेष उपायों को करने से लाभ मिलता है. आषाढ़ महीना 25 जून से शुरू हो चुका है. ये महीना पूजा पाठ के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. साथ ही इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है. ज्योतिषों के अनुसार अगर आपकी कुंडली में शनिदोष, साढ़ेसाती और ढैय्या की समस्या है तो इस महीने में कुछ उपायों को करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

आइए जानते हैं शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव किन राशियों पर पड़ता है. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा अर्चना करने के साथ विशेष उपायों को करने से शनिदेवता के प्रकोप से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए किन उपायों को करना फायदेमंद होता है.
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या
ज्योतिषों के अनुसार, इस समय शनिदेव मकर राशि में विराजमान हैं और व्रकी चाल चल रहे हैं. धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही हैं. वहीं, मिथुन और तुला राशि के लोगों के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही हैं. अगर किसी व्यक्ति के जीवन में शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो इस समय पूरी निष्ठा से शनिदेव की पूजा- अर्चना करें. शनि को सबसे धीरे चलना वाला ग्रह माना गया है. इस ग्रह को एक से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई साल का समय लग गया है.

शनिवार को करें ये उपाय
शनिदेवता को कर्म फाल दाता कहते हैं. ये जातक को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. शनि की अशुभ दृष्टि से बचने के लिए जातक को कार्यक्षेत्र, व्यवसाय और नौकरी पर ध्यान देना होता है. इसके अलावा परिवार, आर्थिक स्थिति और सेहत को ध्यान में रखते हुए जातक को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसलिए हर व्यक्ति शनि देव को प्रसन्न रखने के लिए तमाम उपाय करता है.
आषाढ़ महीने में हर शनिवार को शनिदेवता को प्रसन्न करने के लिए शनिमंदिर में दर्शन करना चाहिए और सरसों के तेल से अभिषेक करना चाहिए. इसके अलावा शनिदेव को काले तिल भी अर्पित करने चाहिए.
शनि ग्रह को शांत करने के लिए छाया दान करना शुभ माना जाता है. शनिवार के दिन एक बर्तन में सरसों का तेल डालकर उसमें एक सिक्का डालें और तेल में अपने चेहरे का प्रतिबिंब देखकर उस तेल को किसी को दान करना दें.


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