धर्म-अध्यात्म

अंगारकी संकष्टी पर शाम के ये उपाय खोल सकते हैं धन के रास्ते

Ratna Netam
29 Sept 2026 2:38 PM IST
अंगारकी संकष्टी पर शाम के ये उपाय खोल सकते हैं धन के रास्ते
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धर्म : हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है। जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए कामों में गति आती है। आर्थिक परेशानियों, कर्ज, खर्चों के बढ़ते दबाव और धन की कमी से परेशान लोग भी इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा और कुछ पारंपरिक उपाय करते हैं। माना जाता है कि श्रद्धा और नियम के साथ की गई पूजा मन को शांति देने के साथ सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ाती है।भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करने की परंपरा है। अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर दिनभर व्रत रखने और शाम को चंद्र दर्शन के बाद पूजा करने की मान्यता है। इस दिन गणेश जी को दूर्वा, मोदक, लाल फूल और सिंदूर चढ़ाना शुभ माना जाता है।अगर आप लंबे समय से कर्ज के दबाव या पैसों की कमी से परेशान हैं तो शाम के समय भगवान गणेश की पूजा करते हुए कुछ पारंपरिक उपाय कर सकते हैं।
गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करें
अंगारकी संकष्टी की शाम भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार दूर्वा गणेश जी को अत्यंत प्रिय है। पूजा के दौरान दूर्वा की गांठों को साफ पानी से धोकर भगवान गणेश को चढ़ाएं। इसके बाद अपनी आर्थिक परेशानियों से राहत और सही निर्णय लेने की प्रार्थना करें। मान्यता है कि ऐसा करने से कामों में आने वाली बाधाएं कम होती हैं।
मोदक या गुड़ का भोग लगाएं
भगवान गणेश को मोदक का भोग विशेष रूप से प्रिय माना जाता है। अगर घर में मोदक उपलब्ध न हो तो गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग भी लगाया जा सकता है। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें। धार्मिक मान्यता है कि मीठा भोग अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
सिंदूर और लाल फूल चढ़ाएं
मंगलवार और अंगारकी संकष्टी का संबंध लाल रंग से भी जोड़ा जाता है। ऐसे में शाम की पूजा के दौरान भगवान गणेश को लाल फूल और सिंदूर अर्पित किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे मंगल ग्रह से जुड़ी परेशानियां शांत होती हैं और व्यक्ति को साहस तथा आत्मविश्वास मिलता है।
ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें
भगवान गणेश की पूजा में “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का विशेष महत्व बताया गया है। अंगारकी संकष्टी की शाम शांत स्थान पर बैठकर इस मंत्र का 108 बार जाप किया जा सकता है। माना जाता है कि नियमित मंत्र जाप से मन की बेचैनी कम होती है और व्यक्ति अपने आर्थिक फैसले अधिक स्पष्टता से ले पाता है।
घी का दीपक जलाएं
पूजा स्थान पर शाम के समय घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। दीपक जलाने के बाद भगवान गणेश के सामने बैठकर अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता है कि दीपक सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है और घर के वातावरण में शांति लाता है।
कर्ज से राहत की प्रार्थना करें
अगर लंबे समय से कर्ज चल रहा है तो पूजा के दौरान अपनी आय और खर्च को संतुलित करने का संकल्प लेना भी अच्छा माना जाता है। भगवान गणेश के सामने यह प्रार्थना करें कि आपको सही आर्थिक फैसले लेने की बुद्धि मिले। धार्मिक उपायों के साथ-साथ व्यावहारिक रूप से अनावश्यक खर्च कम करना, कर्ज की किस्तों की योजना बनाना और आय बढ़ाने के रास्ते तलाशना भी जरूरी है।
जरूरतमंद को भोजन या दान दें
अंगारकी संकष्टी के दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, फल, अनाज या कपड़े दान किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में दान को पुण्य का कार्य माना गया है। दान करते समय दिखावे से बचना और सच्चे मन से सहायता करना बेहतर माना जाता है।
चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलें
संकष्टी चतुर्थी के व्रत में शाम को भगवान गणेश की पूजा के बाद चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व बताया गया है। कई लोग चंद्रमा को जल अर्पित करने के बाद ही व्रत खोलते हैं। इसके बाद गणेश जी का प्रसाद ग्रहण किया जाता है।अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर किए जाने वाले ये उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य श्रद्धा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ाना है। यदि आर्थिक समस्या गंभीर है तो पूजा-पाठ के साथ अपने बजट की समीक्षा करना, खर्चों पर नियंत्रण रखना और कर्ज चुकाने की स्पष्ट योजना बनाना भी उतना ही जरूरी है।कुल मिलाकर अंगारकी संकष्टी की शाम भगवान गणेश की पूजा, दूर्वा अर्पण, मंत्र जाप, दीपक और दान जैसे उपाय शुभ माने जाते हैं। श्रद्धालु इन उपायों के जरिए भगवान गणेश से जीवन की बाधाएं दूर करने और आर्थिक स्थिति बेहतर होने की प्रार्थना करते हैं।
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