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धर्म-अध्यात्म
जीवन में सफलता का रास्ता दिखाते हैं गीता के ये 10 प्रेरणादायक श्लोक
nidhi
20 Aug 2026 11:00 AM IST

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श्रीकृष्ण की सीख से बदलें जिंदगी गीता के संदेश देंगे नई ऊर्जा
नई दिल्ली: जीवन में कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं, जब व्यक्ति परेशान होकर हिम्मत हारने लगता है। असफलता, तनाव और कठिनाइयों के बीच आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाले श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश आज भी लोगों को नई ऊर्जा देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कर्म, धैर्य, आत्मविश्वास और जीवन के उद्देश्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए हैं।
गीता के ये श्लोक व्यक्ति को कठिन समय में सकारात्मक सोच रखने और अपने कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
1. कर्म करते रहो फल की चिंता मत करो
श्लोक:
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
अर्थ:
मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके परिणाम पर नहीं। इसलिए फल की चिंता छोड़कर अपना कर्म पूरी निष्ठा से करना चाहिए।
2. आत्मा कभी नष्ट नहीं होती
श्लोक:
न जायते म्रियते वा कदाचिन्
नायं भूत्वा भविता वा न भूयः।
अर्थ:
आत्मा का न जन्म होता है और न मृत्यु। यह शाश्वत है, इसलिए मनुष्य को भय और निराशा से ऊपर उठना चाहिए।
3. स्वयं पर विश्वास रखें
श्लोक:
उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्।
अर्थ:
मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना चाहिए और खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए।
4. मन को नियंत्रित करना जरूरी है
श्लोक:
बन्धुरात्मात्मनस्तस्य येनात्मैवात्मना जितः।
अर्थ:
जिसने अपने मन पर नियंत्रण पा लिया है, उसका मन ही उसका सबसे बड़ा मित्र बन जाता है।
5. कठिन समय में धैर्य रखें
श्लोक:
सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।
अर्थ:
सुख-दुख, लाभ-हानि और जीत-हार को समान भाव से स्वीकार करना चाहिए।
6. क्रोध और नकारात्मकता से बचें
श्लोक:
क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः।
अर्थ:
क्रोध व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को प्रभावित करता है, इसलिए मन को शांत रखना चाहिए।
7. विश्वास और समर्पण का महत्व
श्लोक:
मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।
अर्थ:
भगवान में विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
8. परिवर्तन जीवन का नियम है
श्लोक:
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय
नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि।
अर्थ:
जिस प्रकार मनुष्य पुराने वस्त्र छोड़कर नए धारण करता है, उसी प्रकार जीवन में बदलाव आते रहते हैं।
9. भय को दूर करें
श्लोक:
अभयं सत्त्वसंशुद्धिः ज्ञानयोगव्यवस्थितिः।
अर्थ:
निर्भयता और शुद्ध विचार व्यक्ति को मजबूत बनाते हैं।
10. ईश्वर पर भरोसा रखें
श्लोक:
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अर्थ:
ईश्वर पर विश्वास रखते हुए जीवन की कठिनाइयों का सामना करना चाहिए।
श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि जीवन प्रबंधन के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्यक्ति को सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, धैर्य, आत्मविश्वास और सही कर्म के रास्ते पर चलकर सफलता हासिल की जा सकती है।
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