धर्म-अध्यात्म

नाग पंचमी में सुई धागे की मनाही के पीछे छिपा है खास रहस्य

nidhi
17 Aug 2026 12:45 PM IST
नाग पंचमी में सुई धागे की मनाही के पीछे छिपा है खास रहस्य
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नाग पंचमी पर सुई धागे के इस्तेमाल की क्यों है मनाही जानें मान्यता
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और परिवार की सुख-समृद्धि व सुरक्षा की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। इन्हीं में से एक है सुई-धागे का इस्तेमाल करना। माना जाता है कि इस दिन सुई-धागे का प्रयोग शुभ नहीं होता और इसके पीछे ज्योतिषीय व धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी के दिन सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों को करने से परहेज किया जाता है। कहा जाता है कि सुई की नोक और धागे की गांठें ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करती हैं। इसी कारण इस दिन कपड़े सिलने या फाड़ने जैसे कार्यों को अशुभ माना गया है।
राहु-केतु से जुड़ी मान्यता
ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। नागों का संबंध भी राहु-केतु से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि राहु और केतु नाग स्वरूप से जुड़े हुए हैं, इसलिए नाग पंचमी के दिन इन ग्रहों से संबंधित विशेष पूजा और उपाय किए जाते हैं। कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुई-धागे का काम करने से राहु-केतु की अशुभ ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से कई लोग इस दिन सिलाई या कपड़े में टांका लगाने जैसे कामों से दूरी बनाते हैं।
नाग पंचमी पर किन कार्यों से बचने की मान्यता है?
नाग पंचमी के दिन कई परंपराओं में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है। इनमें जमीन खोदना, पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाना और धारदार वस्तुओं का अधिक उपयोग करना शामिल है। मान्यता है कि ऐसा करने से नाग देवता नाराज हो सकते हैं। इसके अलावा इस दिन नाग देवता की पूजा, दूध अर्पण और भगवान शिव की आराधना करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु परिवार की रक्षा, सुख-शांति और बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टि से क्या है कारण?
धार्मिक मान्यताओं के अलावा कुछ लोग इसके पीछे सामाजिक कारण भी मानते हैं। पुराने समय में त्योहारों के दौरान लोगों को दैनिक कार्यों से विराम देकर पूजा-पाठ और परिवार के साथ समय बिताने की परंपरा बनाई गई थी। इसी कारण कुछ कामों को उस दिन न करने की परंपरा विकसित हुई। हालांकि सुई-धागे के इस्तेमाल को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि इससे किसी प्रकार का नुकसान होता है। यह मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा विषय है।
नाग पंचमी का महत्व
नाग पंचमी सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव के प्रिय नागों की पूजा की जाती है। हिंदू मान्यता के अनुसार नागों की पूजा करने से भय, संकट और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है। नाग पंचमी पर सुई-धागे का इस्तेमाल न करने की परंपरा भी इसी धार्मिक विश्वास का हिस्सा है। इसे मानना या न मानना व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।
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