धर्म-अध्यात्म

सुबह हथेलियां देखने की परंपरा

Ratna Netam
4 Jun 2026 4:59 PM IST
सुबह हथेलियां देखने की परंपरा
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Religion धर्म : सुबह नींद खुलते ही कई लोगों की आदत होती है कि वे सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखते हैं। यह परंपरा वर्षों से भारतीय समाज में चली आ रही है और आज भी कई घरों में इसका पालन किया जाता है। बड़े-बुजुर्ग अक्सर बच्चों को भी यही सलाह देते हैं कि सुबह उठते ही हथेलियों का दर्शन करें, जिससे दिन की शुरुआत शुभ मानी जाती है और मन में सकारात्मकता बनी रहती है।

मान्यता के अनुसार, सुबह उठकर हथेलियों को देखना केवल एक आदत नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है। कहा जाता है कि हथेलियों में देवी-देवताओं का वास माना जाता है और उन्हें देखने से दिनभर सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसी कारण कई लोग सुबह उठते ही सबसे पहले अपने हाथों को देखते हैं और दिन की शुरुआत शांत और सकारात्मक सोच के साथ करते हैं।

लोकल 18 से बातचीत में बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने इस परंपरा के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि सुबह उठते ही सबसे पहले दोनों हाथों को आपस में हल्का रगड़ना चाहिए। इसके बाद हथेलियों का दर्शन करना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और मन भी एकाग्र होता है।

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, यह प्रक्रिया केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि मानसिक और शारीरिक दृष्टि से भी लाभकारी मानी जाती है। सुबह के समय जब शरीर नींद से जाग रहा होता है, उस समय हल्की गतिविधि जैसे हाथों को रगड़ना शरीर को सक्रिय करने में मदद करता है। इसके बाद हथेलियों को देखने से व्यक्ति का ध्यान केंद्रित होता है और वह दिन की शुरुआत सकारात्मक विचारों के साथ करता है।

वास्तु और परंपराओं के जानकारों का मानना है कि सुबह के समय मन बहुत संवेदनशील होता है। ऐसे में जो विचार और क्रियाएं दिन की शुरुआत में की जाती हैं, उनका प्रभाव पूरे दिन पर पड़ सकता है। इसलिए सुबह सकारात्मक सोच, शांत वातावरण और शुभ परंपराओं को अपनाने की सलाह दी जाती है।

कई लोग इसे सिर्फ एक आस्था नहीं बल्कि मानसिक संतुलन का तरीका भी मानते हैं। उनका कहना है कि जब व्यक्ति सुबह उठकर कुछ सेकंड अपने हाथों पर ध्यान देता है, तो उसका मन शांत होता है और दिन की शुरुआत जल्दी भागदौड़ या तनाव के बजाय संतुलन के साथ होती है।

आज के समय में जहां जीवनशैली तेज और तनावपूर्ण हो गई है, वहां इस तरह की छोटी-छोटी परंपराएं लोगों को मानसिक रूप से स्थिर रखने में मदद करती हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सुबह की अच्छी शुरुआत व्यक्ति के पूरे दिन की उत्पादकता और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है।

इस परंपरा को कई लोग बच्चों को भी सिखाते हैं ताकि उनमें शुरू से ही सकारात्मक सोच और अनुशासन की आदत विकसित हो सके। सुबह हथेलियों को देखने की यह परंपरा भले ही सरल लगे, लेकिन इसके पीछे गहरी सांस्कृतिक और मानसिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।

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