- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- गणपति के भक्त संत...
धर्म-अध्यात्म
गणपति के भक्त संत मोरया गोसावी से जुड़ा है ‘मोरया’ का रहस्य
Saba Naaz
27 Aug 2025 4:37 PM IST

x
Religion धर्म : गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही चारों ओर “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगती है। मंदिरों, घरों और पंडालों में श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति से यह नारा लगाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ‘मोरया’ का अर्थ क्या है? और गणपति बप्पा के साथ इसे क्यों जोड़ा जाता है?
दरअसल, ‘मोरया’ शब्द भगवान गणेश के महान भक्त संत मोरया गोसावी से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि 14वीं–15वीं शताब्दी में महाराष्ट्र के चिंचवड़ (पुणे) में जन्मे संत मोरया गोसावी भगवान गणेश के परम भक्त थे। उन्होंने अपना जीवन प्रभु गणेश की सेवा और ध्यान में समर्पित कर दिया था।
उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर माना जाता है कि भगवान गणेश ने उन्हें दर्शन दिए। तभी से भक्तगण ‘गणपति बप्पा’ के साथ उनके सबसे प्रिय भक्त का नाम जोड़कर “गणपति बप्पा मोरया” का जयकारा लगाने लगे।
'मोरया' का मतलब क्या है?
‘मोरया’ शब्द सिर्फ़ एक नाम नहीं, बल्कि आस्था और भक्ति का प्रतीक बन गया है। यह गणेश भक्तों की भावनात्मक अभिव्यक्ति है, जिससे उनकी पूजा में और भी अपनापन और श्रद्धा जुड़ जाती है। भक्ति और उत्साह का प्रतीक
आज यह नारा सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश और दुनिया में बसे गणेश भक्तों की आस्था की पहचान बन चुका है। गणपति विसर्जन के समय जब श्रद्धालु “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” कहते हैं, तो उसमें भगवान से दुबारा मिलने की भावना और उम्मीद छुपी होती है।
Tagsगणपतिसंत मोरयागोसावीGanpatiSaint MoryaGosaviरिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





