धर्म-अध्यात्म

मंगल गोचर का प्रभाव किसी को लाभ तो किसी को टेंशन

Ratna Netam
22 Jun 2026 4:50 PM IST
मंगल गोचर का प्रभाव किसी को लाभ तो किसी को टेंशन
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सावधानी की आवश्यकता को दर्शाता है।
Religion धर्म : वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है। माना जाता है कि मंगल का गोचर व्यक्ति की निर्णय क्षमता, बौद्धिक शक्ति और वाणी पर भी प्रभाव डालता है। इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना सामने आने वाली है, जब 2 अगस्त 2026 को मंगल ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
ज्योतिष के अनुसार मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह होते हैं, जिन्हें ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। मंगल और बुध के बीच शत्रुता का भाव माना जाता है, ऐसे में मंगल का मिथुन राशि में गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से काफी प्रभावशाली माना जा रहा है। इस परिवर्तन का असर केवल एक राशि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ज्योतिषाचार्य नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, जब मंगल अपनी शत्रु राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे तो इसे शत्रुक्षेत्री स्थिति कहा जाएगा। इस स्थिति में मंगल के प्राकृतिक प्रभावों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। इसका असर जनजीवन पर भी दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि में लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, विशेषकर रक्त और ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मानसिक तनाव और निर्णय लेने में अस्थिरता भी देखने को मिल सकती है।
आर्थिक क्षेत्र में भी इस गोचर का प्रभाव नजर आ सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है और निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। व्यापार और शेयर बाजार में अनिश्चितता का माहौल रह सकता है।
हालांकि यह गोचर सभी राशियों के लिए एक जैसा प्रभाव नहीं डालेगा। कुछ राशियों के लिए यह समय सकारात्मक परिणाम भी लेकर आ सकता है, जहां उन्हें नए अवसर और सफलता मिल सकती है। वहीं कुछ राशियों को इस दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
ज्योतिष के अनुसार, ऐसे समय में धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगल गोचर का यह परिवर्तन जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन और सावधानी की आवश्यकता को दर्शाता है।
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