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धर्म-अध्यात्म
राखी के मंत्र में छिपा है राजा बलि का इतिहास बक्सर से जुड़ा पुराना संबंध
nidhi
26 Aug 2026 1:37 PM IST

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रक्षासूत्र के मंत्र का महत्व
बक्सर: रक्षाबंधन का त्योहार केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं और धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। बिहार के बक्सर से भी रक्षासूत्र और भगवान विष्णु के वामन अवतार से जुड़ी एक पौराणिक मान्यता बताई जाती है। इसी परंपरा में राखी बांधते समय बोले जाने वाले प्रसिद्ध मंत्र ‘येन बद्धो बलि राजा...’ का विशेष महत्व माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंत्र राजा बलि और भगवान विष्णु से जुड़ी कथा को याद करता है और रक्षासूत्र की शक्ति, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
क्या है राजा बलि और वामन अवतार की कथा?
पौराणिक कथा के अनुसार, राजा बलि भगवान विष्णु के परम भक्त और बेहद दानवीर राजा थे। उन्होंने अपने पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा बलि के पास पहुंचे।
वामन भगवान ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी। राजा बलि ने वचन देते हुए दान स्वीकार कर लिया। इसके बाद भगवान वामन ने अपने विराट स्वरूप से दो पग में पूरी पृथ्वी और आकाश को नाप लिया। तीसरे पग के लिए राजा बलि ने अपना सिर आगे कर दिया।
राजा बलि की भक्ति और दानशीलता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें विशेष वरदान दिया। इसी कथा से रक्षासूत्र और राजा बलि का संबंध जोड़ा जाता है।
‘येन बद्धो बलि राजा’ मंत्र का अर्थ
राखी बांधते समय बोला जाने वाला मंत्र है—
"येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि, रक्षे मा चल मा चलः॥"
इसका अर्थ है—
"जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी पवित्र सूत्र से मैं तुम्हें बांधता/बांधती हूं। हे रक्षा सूत्र! तुम सदैव रक्षा करना और अपने संकल्प से विचलित मत होना।"
बक्सर से क्या है संबंध?
बक्सर क्षेत्र को भारतीय धार्मिक इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां भगवान विष्णु के वामन अवतार और राजा बलि से जुड़ी कथाओं का उल्लेख मिलता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बक्सर की धरती इन पौराणिक प्रसंगों से जुड़ी रही है और इसी कारण यहां रक्षाबंधन की कथा का विशेष महत्व बताया जाता है।
रक्षासूत्र केवल धागा नहीं, सुरक्षा का संकल्प
हिंदू परंपरा में राखी को केवल भाई की कलाई पर बांधा जाने वाला धागा नहीं माना जाता, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
बहन जब भाई को राखी बांधती है तो वह उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है, वहीं भाई जीवनभर उसकी रक्षा और सम्मान का संकल्प लेता है।
राजा बलि की कथा क्यों है खास?
राजा बलि की कथा यह संदेश देती है कि शक्ति के साथ विनम्रता और दान की भावना भी जरूरी है। भगवान विष्णु ने राजा बलि की भक्ति और वचन निभाने की भावना से प्रसन्न होकर उन्हें सम्मान दिया।
इसी कारण रक्षाबंधन पर बोले जाने वाले मंत्र में राजा बलि का स्मरण किया जाता है।
रक्षाबंधन में मंत्र का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्र के साथ बांधा गया रक्षासूत्र शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी कई परिवारों में राखी बांधते समय इस मंत्र का उच्चारण किया जाता है।
रक्षाबंधन का यह मंत्र हमें प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और रिश्तों की मजबूती का संदेश देता है।
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