- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Chandra Grahan 2026:...
धर्म-अध्यात्म
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण शुरू, भारत के कई शहरों में आसमान में ब्लड मून का अद्भुत नजारा दिखेगा
jantaserishta.com
3 March 2026 3:28 PM IST

x
Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण लग चुका है. भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर शाम को 6 बजकर 46 मिनट तक रहने वाला है. चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी जारी है, जो ग्रहण के साथ ही खत्म होगा. चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगा है. भारत में यह चंद्र ग्रहण ‘ग्रस्तोदित’ रूप में नजर आने वाला है. यानी भारत में जब चंद्रोदय होगा, उससे पहले ही ग्रहण चंद्रमा को ग्रस लेगा. भारत में चंद्र ग्रहण दिखने का समय शाम 06 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक बताया गया है.
चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण आरंभ- दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर
चंद्र ग्रहण समाप्त- शाम 6 बजकर 46 मिनट पर
पूर्ण चंद्र ग्रहण (टोटैलिटी): शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक
सूतक काल शुरू- सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर
सूतक काल समाप्त- शाम 6 बजकर 46 मिनट पर
ग्रहण का युद्ध से क्या कनेक्शन क्या है?
पंडित अजय भांबी ने बताया कि जिस भी देश में ग्रहण दिखाई देता है, वहां निश्चित तौर पर उसका प्रभाव होता है. व्यक्तिगत तौर पर जिन लोगों की कुंडली में ग्रहों की दशा खराब है या कोई दोष लगा हुआ है, उन पर असर ज्यादा रहता है. उन्होंने आगे बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जन्म भी चंद्र ग्रहण के दौरान हुआ था. संयोगवश ग्रहण के समय ही ईरान पर अमेरिका ने अटैक किया है. इसके अलावा प्रकृति पर भी ग्रहण का असर होता है.
सूतक क्या होता है?
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक को लेकर कई बार लोग घबरा जाते हैं. खासतौर से गर्भवती महिलाएं ज्यादा परेशान हो जाती हैं. इस बारे में ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र ने बताया कि यदि गर्भवती महिलाएं ग्रहण काल या सूतक काल में घर के अंदर हैं तो इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा. आप अपने रूटीन कार्य कर सकती हैं. आवश्यक्तानुसार खान-पान कर सकती हैं. बस मन में नकारात्मकता न लाएं और घर में रहने का प्रयास करें.
'बैड नहीं गुड भी है ये चंद्र ग्रहण'
ज्योतिषविद आचार्य राज मिश्रा ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि यदि ग्रहण में स्नान-दान, जप-तप किया जाए तो इसका प्रतिफल लाखों गुना अधिक हो सकता है. यानी इस अवधि में किसी मंत्र का जाप या स्नान-दान किया जाए तो व्यक्ति को बेशुमार लाभ मिल सकता है. इस एक उपाय से जन्म-जन्मान्तर के पाप भी नष्ट हो जाते हैं.
कितने प्रकार का होता है चंद्र ग्रहण?
पूर्ण चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है.
आंशिक चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है.
उपछाया चंद्र ग्रहण- जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया में आता है.
कितने बजे दिखेगा ब्लड मून?
जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी के छाया में आ जाता है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है. इस दौरान पृथ्वी से चंद्रमा लाल रंग का दिखाई पड़ता है. वैज्ञानिकों की भाषा में इसे ही ब्लड मून कहा जाता है. आज भी दुनिया के कई हिस्सों में ब्लड मून का नजारा आसमान में दिखाई देगा. शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक चंद्रमा का पूरा या अधिकांश हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा. इस वक्त ही लोगों को ब्लड मून का दृश्य दिखाई देगा.
चंद्र ग्रहण का मोक्ष काल कितने बजे है?
ज्योतिषविद डॉ. वाई राखी ने बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव सूतक काल से लेकर मोक्ष काल तक रहता है. मोक्ष काल में ही चंद्रमा को ग्रहण से पूर्ण रूप से मोक्ष मिलता है. इस ग्रहण का मोक्ष काल शाम 7 बजकर 53 मिनट तक है. इस वक्त चंद्रमा पूर्ण रूप से ग्रहण की छाया से बाहर आएंगे. लेकिन वो आम इंसानों पर लागू नहीं होता है. इसलिए आप शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर ही स्नान करके घर की शुद्धि कर लीजिए.
इन 2 राशियों के लिए मुश्किल चंद्र ग्रहण
आचार्य गौरव के मुताबिक, चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. लेकिन इसका प्रभाव सिर्फ सिंह राशि पर ही नहीं होगा. बल्कि कुंभ राशि के जातकों को भी सावधान रहना होगा. सिंह राशि के ठीक सामने 180 डिग्री पर कुंभ राशि है. ऐसे में ग्रहण अगर सिंह राशि में लगा है तो उसका प्रभाव कुंभ राशि पर भी होगा. इसलिए दोनों ही राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी. आज कोई बड़ा निर्णय या बड़ी डील न करें. झगड़े, वाद-विवाद से दूर रहें. वाहन ध्यान से चलाएं.
भारत में इन जगहों पर दिख सकता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आज शाम को पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा देखा जा सकता है. या यूं कहें कि इन जगहों से चंद्र ग्रहण का दृश्य बिल्कुल साफ दिखाई देगा. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, असम, मणिपुर, मेघालय, और पश्मिच बंगाल में पूर्ण चंद्र ग्रहण का दृश्य दिखाई दे सकता है.
Tagsचंद्र ग्रहण शुरूचंद्र ग्रहणचंद्र ग्रहण 2026चंद्र ग्रहण न्यूज़Lunar eclipse beginsLunar eclipseLunar eclipse 2026Lunar eclipse news
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





