धर्म-अध्यात्म

Temple Ganesha: भारत का इकलौता मंदिर जहां इंसानी रूप में होती है गणेश की पूजा

Tara Tandi
25 April 2025 5:33 PM IST
Temple Ganesha: भारत का इकलौता मंदिर जहां इंसानी रूप में होती है गणेश की पूजा
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Temple Ganesha ज्योतिष न्यूज़ : जब भी आप भगवान गणेश के चेहरे के बारे में सोचते हैं, तो आपने एक बड़ा सिर, लंबी सूंड, बड़ा कान और एक टूटा हुआ दांत जरूर देखा होगा। यहां तक ​​कि घर में लगी किसी फोटो में भी आपको यही दिखाई देता होगा। आपने अपनी दादी-नानी से उनके इस रूप की कहानियां जरूर सुनी होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ही ऐसा मंदिर है, जहां भगवान गणेश का मानव चेहरा देखने को मिलता है। यानी उनका चेहरा बिल्कुल एक आम इंसान जैसा दिखता है। आइए आपको बताते हैं कि भारत के किस कोने में स्थित है यह मंदिर।
तमिलनाडु के इस जिले में स्थित है यह मंदिर
हर मंदिर की अपनी खासियत और पौराणिक महत्व होता है। उन्हीं मंदिरों में से एक है तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले में स्थित आदि विनायक मंदिर। यहां गणेश जी की मूर्ति नए रूप में विराजमान है। यहां भगवान गणेश की मूर्ति सूंड और दांत की नहीं बल्कि एक इंसान की है। और यही वजह है कि दुनिया के कोने-कोने से लोग भगवान गणेश के इस नए रूप को देखने के लिए इस मंदिर में आते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 7वीं शताब्दी में हुआ था और यह तमिलनाडु राज्य के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है।
मानव रूप वाली मूर्ति की कहानी क्या है?
आप जानते ही होंगे कि भगवान शिव ने क्रोध में आकर गणेश जी की गर्दन धड़ से अलग कर दी थी। जिसके बाद देवताओं के सुझाव पर भगवान गणेश पर हाथी का सिर लगाया गया था। तब से आपको हर फोटो, हर मंदिर में गणेश जी की वही मूर्ति देखने को मिलेगी। लेकिन आदि विनायक मंदिर में ऐसा नहीं है, यहां मान्यता है कि भगवान गणेश को हाथी का चेहरा लगाने से पहले उनका चेहरा इंसान का था, इसलिए यहां इंसानी चेहरे वाली गणपति जी की मूर्ति की ही पूजा की जाती है।
क्या है मूर्ति की खासियत?
तमिलनाडु के इस अनोखे आदि विनायक मंदिर में मिली भगवान गणेश की मूर्ति भी अनोखी है। इस मूर्ति को ग्रेनाइट का इस्तेमाल करके बनाया गया है। भगवान गणेश के एक हाथ में जहां कुल्हाड़ी है, वहीं दूसरे हाथ में उनका प्रिय भोजन मोदक है।
पूर्वजों की शांति के लिए भी होती है पूजा
कहा जाता है कि एक बार भगवान राम ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए आदि विनयगर मंदिर में पूजा की थी। तब से लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए इस मंदिर में पूजा करने आते हैं। नदी के किनारे पूजा की जाती है। वैसे तो यह मंदिर देखने में बहुत साधारण लगता है लेकिन लोगों के बीच यह बहुत लोकप्रिय है।
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