धर्म-अध्यात्म

वृषभ संक्रांति 15 मई को, सूर्य उपासना और दान का विशेष महत्व

Kavita2
13 May 2026 5:34 PM IST
वृषभ संक्रांति 15 मई को, सूर्य उपासना और दान का विशेष महत्व
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Religion Desk धर्म डेस्क : वृषभ संक्रांति शुक्रवार, 15 मई को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह संक्रांति धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इस दिन किए गए दान, स्नान और सूर्य उपासना का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वृषभ संक्रांति के दिन सूर्य की स्थिति में परिवर्तन होता है, जिसका प्रभाव मौसम, कृषि और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी माना जाता है। इस अवसर पर लोग प्रातःकाल स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि अनाज, वस्त्र, जल और जरूरतमंदों को सहायता देने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस पवित्र दिन कुछ कार्यों से बचना भी आवश्यक माना गया है, ताकि नकारात्मक परिणामों से बचा जा सके। इस दिन क्रोध, झगड़ा और अपशब्दों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही, मांसाहार और नशे से संबंधित चीजों का सेवन वर्जित माना गया है।

इसके अलावा, इस दिन किसी भी प्रकार का अपमानजनक व्यवहार या दूसरों को कष्ट पहुंचाने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से शुभ फल में कमी आ सकती है और मानसिक अशांति बढ़ सकती है।

वृषभ संक्रांति के दिन पूजा-पाठ और ध्यान को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। सुबह के समय सूर्य को जल अर्पित करना और मंत्रों का जाप करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

इस दिन का उद्देश्य आत्मिक शुद्धि, संयम और सकारात्मकता को बढ़ावा देना बताया गया है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन नियमों का पालन करता है, उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आने की मान्यता है।

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