- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Pushkar Sarovar में...
धर्म-अध्यात्म
Pushkar Sarovar में स्नान करने से हो जाता है सभी पापों का नाश
Tara Tandi
18 April 2025 3:26 PM IST

x
Pushkar Sarovar राजस्थान न्यूज़ : पूरे देश में ब्रह्मा जी का मंदिर सिर्फ राजस्थान के पुष्कर में ही है, जहां साल में एक बार बड़ा मेला लगता है। यह एकमात्र ऐसी जगह है, जहां ब्रह्मा जी की पूजा होती है। इसके अलावा ब्रह्मा जी का जिक्र सिर्फ पौराणिक कथाओं में ही मिलता है और कहीं नहीं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ब्रह्मा जी की पूजा और कहीं क्यों नहीं होती और पुष्कर मंदिर के निर्माण के पीछे क्या कहानी है। आइए जानते हैं...
पुष्कर मंदिर की पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, वज्रनाश राक्षस का वध करने के बाद ब्रह्मा जी एक यज्ञ करना चाहते थे। यज्ञ में पति-पत्नी का बैठना अनिवार्य था। इसलिए ब्रह्मा जी ने अपनी पत्नी सरस्वती को यज्ञ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया लेकिन किसी कारणवश सरस्वती जी समय पर इस यज्ञ में नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में यज्ञ को पूरा करने के लिए ब्रह्मा जी ने गुर्जर संप्रदाय की गायत्री नाम की कन्या से विवाह किया और यज्ञ को पूरा किया। जब देवी सरस्वती यज्ञ में पहुंचीं तो उन्होंने ब्रह्मा जी के बगल में एक और कन्या को देखा। यह देखकर वह बहुत क्रोधित हुईं और उन्होंने ब्रह्मा जी को श्राप दे दिया कि पूरे संसार में कोई भी उनकी पूजा नहीं करेगा।
इस कार्य में भगवान विष्णु ने भी ब्रह्मा जी की सहायता की, जिसके कारण देवी ने उन्हें भी श्राप दे दिया कि उन्हें अपनी पत्नी से वियोग का दुख सहना पड़ेगा। इस श्राप के बाद देवताओं ने देवी सरस्वती को बहुत समझाया, तब माता ने कहा कि पूरे संसार में केवल इसी पुष्कर नामक मंदिर में ब्रह्मा जी की पूजा की जाएगी। इसी कारण पूरे भारत में ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर केवल पुष्कर में ही है। पुष्कर मंदिर के निर्माण के पीछे एक और पौराणिक कथा प्रचलित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने यहां एक यज्ञ का आयोजन किया था और इस यज्ञ स्थल को पवित्र बनाने के लिए यहां कमल का फूल गिराया था। इसी कारण इस स्थान का नाम पुष्कर पड़ा। पुष्कर मंदिर की विशेषता यह है कि कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन पुष्कर सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व है।
इस दिन यहां स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यहां आने वाले श्रद्धालु इस पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं। मान्यता है कि जब तक कोई व्यक्ति चार धाम की तीर्थ यात्रा के बाद पुष्कर में स्नान नहीं करता, उसे पुण्य का फल नहीं मिलता। यह भी मान्यता है कि आंवला नवमी के दिन पुष्कर में स्नान करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यहां पुष्कर मेला भी लगता है, जो हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस मेले में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक भाग लेते हैं। यह मेला धार्मिक उत्सवों के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक और पारंपरिक गतिविधियों का केंद्र है।
TagsPushkar Sarovarस्नान सभी पापों नाशbathing in it destroys all sinsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





