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धर्म-अध्यात्म
Sun transit in Taurus: आम लोगों के लिए असर, किसानों के लिए लाभ
nidhi
15 May 2026 2:32 PM IST

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सूर्य वृषभ राशि में गोचर
भारतीय समयानुसार 6 बजकर 21 मिनट पर सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं। जबकि आज कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथि के दिन चन्द्रमा मेष राशि में अश्वनी नक्षत्र में संचार कर रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष ज्येष्ठ के चंद्र मास में तिथि क्षय के चलते मलमास या अधिक मास (17 मई से 15 जून तक ज्येष्ठ अधिक) रहेगा, जिसके विषय में वर्ष प्रबोध नाम के मेदिनी ज्योतिष के ग्रंथ में कहा गया है की "जयेष्टद्वये नृपध्वंसो धन्यनिष्किक्षितिसतमे" अर्थात यदि किसी वर्ष ज्येष्ठ में अधिक मास पड़े तो उस वर्ष राष्ट्राध्यक्षों में परस्पर टकराव होता है, किसी विशिष्ट गणमान्य राजनेता को संकटकारी स्थिति का सामना करना पड़ता है। विद्रोह व हिंसक घटनाएं घटित होती हैं लेकिन फसलें अच्छी होती है, यानी वर्षा समय पर होने से अनाज का उत्पादन अच्छा होता है तथा यज्ञ, दान आदि अधिक होते हैं।
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण भारत में कारोबार गैस के सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अभी हाल ही में दुग्ध उत्पादन करने वाली कंपनियों ने भी दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। सूर्य के वृषभ राशि में इस माह संक्रांति की कुंडली में सूर्य पर शनि की तीसरी दृष्टि के चलते अगले 30 दिनों में महंगाई का प्रभाव बढ़ सकता है इसकी शुरुआत भी पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने से हो चुकी है। ऐस में कुछ बड़े शहरों में कर्मचारी निजी क्षेत्र में सैलरी बढ़ाने के लिए मांग जायज दिखा सकते हैं। मानसून की अच्छी बारिश से किसानों को होगा लाभ पहली शताब्दी ईसा पूर्व उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के दरबार में नवरत्नों में शामिल आचार्य वराहमिहिर के ग्रंथ बृहत् संहिता के सस्य-जातक-अध्याय में सूर्य के वृषभ संक्रांति के समय बनने वाली कुंडली की ग्रह स्थिति से मानसून में बोई जाने वाली फसलों का फल कथन किया जाता है। इस वर्ष सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश के समय सूर्य से बुध अंशों में आगे थे और शुभ ग्रह गुरु और शुक्र भी सूर्य से अगली राशि में मानसून पूर्व की अच्छी वर्षा और मानसून के केरल में समय से पूर्व आ जाने की बात कह रहे हैं। 28 मई को चंद्रमा के तुला राशि में आकर गुरु और शुक्र से त्रिकोण सम्बन्ध बनाने के समय केरल में मानसून की जोरदार वर्षा हो सकती है। दक्षिण भारत में मई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी मानसून पूर्व वर्षा से किसानों को चावल की खेती में लाभ होगा।
1 जून को गुरु के कर्क राशि में आकर मानसून के तेजी से पहले दक्षिण भारत और फिर 7 जून तक मुंबई, रायपुर, नागपुर आदि मध्य भारत में पहुंचने से इस वर्ष कपास, मक्का, गन्ने आदि की खेती करने वाले किसानों को लाभ होगा। इस वर्ष मानसून से पूर्व मई के दूसरे पखवाड़े में गुरु और शुक्र की युति के चलते बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तरप्रदेश में तूफान, बिजली बारिश और तूफान आदि की घटनाएं सामान्य से अधिक जरूरतमंद। मिथुन राशि से प्रभावित बंगाल में मानसून तय समय से पहले पहुंचेगा और जून के शुरू में अच्छी वर्षा होगी। मई के अंत में या जून के शुरू में पहाड़ी क्षेत्रों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल में असामान्य वर्षा चौंका सकती है। गुरु शुक्र की युति और ज्येष्ठ में पांच शनिवार से सरकार की बढ़ेगी परेशानी
आजाद भारत की स्थापना कुंडली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली) में मिथुन राशि में सबसे कम बिंदु हैं। अब जबकि गुरु मिथुन राशि में 1 जून तक चलेंगे और लग्नेश शुक्र के भी इसी राशि में 8 जून तक रहने से तथा इस चंद्र मास में पांच शनिवार बढ़ने से केंद्र सरकार को किसी बड़ी चुनौती का सामना करना होगा। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी, रुपए का डॉलर के मुकाबले कमज़ोर होना, नीट परीक्षा में पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की कीमतों का बढ़ना, विदेश से जुड़े विवाद आदि को लेकर विपक्षी दल सरकार को अगले 30 दिनों तक बड़े दबाव में रख सकते हैं। सूर्य संक्रांति कुंडली में सप्तमेश मंगल का हानि के बाहरवें भाव में चन्द्रमा से युति करना सरकार की विदेश नीति पर प्रश्नस्टैंड कर सकता है। अमेरिका की भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन से बढ़ती तेज़ी से बड़ी चिंता का विषय बनेगी।
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