धर्म-अध्यात्म

Hanuman Jayanti पर 57 वर्षों बाद बन रहा ऐसा दुर्लभ संयोग, इस मुहूर्त में करे पूजा

Tara Tandi
12 April 2025 12:29 PM IST
Hanuman Jayanti पर 57 वर्षों बाद बन रहा ऐसा दुर्लभ संयोग, इस मुहूर्त में करे पूजा
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Hanuman Jayanti ज्योतिष न्यूज़ : हनुमान जी का जन्म चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा के दिन हुआ था। इस साल हनुमान जयंती का पर्व बहुत ही दुर्लभ संयोग लेकर आया है। ज्योतिषियों का कहना है कि हनुमान जयंती इस साल 12 अप्रैल यानी कल शनिवार को पड़ रही है, जो बजरंगबली का प्रिय दिन है। कहा जाता है कि जो लोग इस दिन विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा करते हैं, उन्हें मनचाहा फल मिलता है। हनुमान जी की पूजा के लिए यह दिन बहुत ही उत्तम माना जाता है।
हनुमान जयंती का शुभ मुहूर्त
हनुमान जयंती पर पूजा का पहला शुभ मुहूर्त 12 अप्रैल को सुबह 7:34 बजे से 9:12 बजे तक है। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम 6:46 बजे से 8:08 बजे तक रहेगा। इस दौरान आप कोई भी शुभ काम भी शुरू कर सकते हैं।
हनुमान जयंती पर 57 साल बाद बनेगा यह दुर्लभ संयोग
इस बार हनुमान जयंती बहुत ही अद्भुत होने वाली है क्योंकि इस दिन शनि 57 साल बाद पंचग्रही योग बनाने जा रहे हैं। इस दिन हस्त नक्षत्र में मीन राशि में पंचग्रही योग बनेगा। सूर्य, शनि, राहु की त्रियुति होगी और साथ ही शुक्र-बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा।
हनुमान जयंती पर कैसे करें पूजा
हनुमान जयंती पर शाम के समय लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या फोटो दक्षिण दिशा की ओर मुख करके स्थापित करें। स्वयं भी लाल वस्त्र पहनकर लाल आसन पर बैठें। घी का दीपक और चंदन की अगरबत्ती या धूपबत्ती जलाएं। इसे चमेली के तेल में मिलाकर नारंगी सिंदूर और चांदी की पन्नी चढ़ाएं। इसके बाद लाल फूल से पुष्प अर्पित करें। लड्डू या बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं। केले भी चढ़ा सकते हैं। दीपक को 9 बार घुमाकर आरती करें और 'ॐ मंगलमूर्ति हनुमते नमः' मंत्र का जाप करें।
धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय
हनुमान पूजा कोई भी पुरुष या महिला कर सकता है। हनुमान जयंती पर एक खास उपाय करने से धन प्राप्ति के मार्ग मजबूत होते हैं। हनुमान जी को जल चढ़ाने के बाद पंचामृत चढ़ाएं। तिल के तेल में नारंगी सिंदूर मिलाकर चढ़ाएं। चमेली का इत्र या तेल चढ़ाएं। हनुमान जी को केवल लाल फूल ही चढ़ाएं। आप गुड़ या गेहूं के आटे की रोटी और चूरमा भी चढ़ा सकते हैं। साथ ही 'श्री राम भक्ताय हनुमते नमः' मंत्र का जाप भी करें।
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