धर्म-अध्यात्म

Ayodhya में कोरियाई रानी की मूर्ति का अनावरण, भारत-कोरिया संबंधों को नई ऊँचाई

Harrison
25 Dec 2025 7:47 PM IST
Ayodhya  में कोरियाई रानी की मूर्ति का अनावरण, भारत-कोरिया संबंधों को नई ऊँचाई
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Religion, Spirituality ,धर्म अध्यात्म: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में कोरियाई रानी ह्वांग-ओक की कांस्य (ब्रॉन्ज़) की मूर्ति का भव्य अनावरण किया गया। रानी ह्वांग-ओक को भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म के अमूल्य ज्ञान को कोरिया तक पहुँचाने के लिए याद किया जाता है। उनका यह योगदान भारत और कोरिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक माना जाता है।
इस समारोह में अयोध्या के प्रशासनिक अधिकारी, बौद्ध धर्म से जुड़े संत और कई कोरियाई प्रतिनिधि मौजूद थे। मूर्ति का अनावरण दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है। रानी ह्वांग-ओक को विशेष रूप से उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया, जिन्होंने समुद्र पार भारतीय ज्ञान और धर्म को कोरिया तक पहुँचाया।
अयोध्या नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मूर्ति का अनावरण स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह स्थल अब एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र भी बनेगा, जहां लोग भारतीय और कोरियाई सांस्कृतिक जुड़ाव को करीब से देख सकेंगे। मूर्ति के अनावरण के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें कोरियाई और भारतीय परंपराओं का संगम देखने को मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि रानी ह्वांग-ओक के योगदान को याद करना दोनों देशों के लिए गर्व की बात है। उनका यह प्रयास केवल धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसने भारत और कोरिया के बीच शिक्षा, कला और परंपरा के आदान-प्रदान को भी मजबूत किया। मूर्ति के अनावरण से यह संदेश जाता है कि इतिहास और संस्कृति के माध्यम से देशों के बीच दोस्ती और समझ को बढ़ाया जा सकता है।
इस अवसर पर कोरियाई राजनयिकों ने कहा कि भारत और कोरिया के रिश्ते सदियों पुरानी परंपरा और सहयोग पर आधारित हैं। रानी ह्वांग-ओक की मूर्ति का अनावरण इस ऐतिहासिक रिश्ते को और मजबूती देगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। उन्होंने दोनों देशों के नागरिकों को सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान बढ़ाने की दिशा में काम करने का आह्वान भी किया।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत किया। उन्हें उम्मीद है कि रानी ह्वांग-ओक की मूर्ति आने वाले समय में युवाओं को भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म के महत्व को समझने में मदद करेगी। यह मूर्ति न केवल अयोध्या का सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल बनेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और आदान-प्रदान का प्रतीक भी बनेगी।
अयोध्या में रानी ह्वांग-ओक की मूर्ति का अनावरण एक ऐतिहासिक अवसर है। यह न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत-कोरिया के अटूट संबंधों का भी प्रतीक है। यह पहल भविष्य में दोनों देशों के बीच शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ावा देने में मदद करेगी।
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