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Ashadh Maas 2026 ज्योतिष न्यूज़ : मंगलवार, 30 जून 2026 से आषाढ़ का महीना शुरू हो चुका है। यह महीना हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना होता है, जिसे बहुत ही महत्वपूर्ण और खास माना जाता है। यह माह भगवान विष्णु की पूजा-आराधना के लिए समर्पित होता है क्योंकि इस माह में भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा में रहते हैं जिससे सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य थम जाते हैं। आषाढ़ माह में भगवान विष्णु की पूजा-उपासना, जप-तप और साधना का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा विष्णु जी की प्रिय तुलसी की पूजा का भी खास महत्व होता है। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है और आषाढ़ महीने में जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं तो तुलसी की सेवा और पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। तुलसी की पूजा करने से नकारात्मकता दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता भाव आता है। आइए जानते हैं आषाढ़ माह में तुलसी की पूजा विधि और इससे होने वाला लाभ।
आषाढ़ माह में तुलसी पूजन का महत्व
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है और नियमित रूप से पूजा होती है वहां पर भगवान का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। साथ ही घर में सकारात्मक वातावरण भी बना रहता है। तुलसी को हरिप्रिया भी कहते हैं इस कारण से तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। आषाढ़ में भगवान विष्णु के साथ-साथ तुलसी की पूजा करने से शुभ फलों में वृद्धि होती है।
सुबह तुलसी को अर्पित करें जल
आषाढ़ माह में सुबह स्नान करने के बाद और नियमित पूजा के बाद तुलसी को पौधे को साफ जल अर्पित करें। साथ ही जल अर्पित करते समय भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। इससे घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। तुलसी के पौधे को जल अर्पित करने के बाद पत्तों को स्पर्श करते हुए माथे पर तिलक लगाएं।
शाम को घी का दीपक जलाएं
वैसे तो हर एक दिन तुलसी के पौधे की पूजा करने का विधान होता है लेकिन आषाढ़ माह में तुलसी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह में हर एक शाम को तुलसी के समीप घी का दीपक जलना बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है। इससे घर में सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
तुलसी की परिक्रमा का महत्व
नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। तुलसी की पूजा और दीपक अर्पित करने के बाद रोजाना तुलसी की 7, 11 या फिर 21 बार परिक्रमा करने से विशेष लाभ मिलता है। इससे जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक चिंताओं में कमी आती है। तुलसी पूजा के बाद परिक्रमा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है।
भगवान विष्णु को तुलसी दल अवश्य करें अर्पित
आषाढ़ माह में जितना महत्व भगवान विष्णु और तुलसी पूजन का है उससे भी कहीं ज्यादा भगवान को तुलती दल का भोग अर्पित करने से हैं। बिना तुलसी के भोग के भगवान विष्णु की पूजा पूरी नहीं माना जाती है। तुलसी पूजन के बाद ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। इससे घर में सुख और शांति आती है।
मंत्र जाप का महत्व
आषाढ़ माह में तुलसी पूजन के साथ-साथ ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। आषाढ़ माह में मंत्रों का जाप बहुत ही फलदायी रहता है। इससे घर में शांति और आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है।
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