धर्म-अध्यात्म

सावन के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर में विशेष श्रृंगार, शिवलिंग पर चढ़ी सूखे मेवों की माला

nidhi
3 Aug 2026 2:24 PM IST
सावन के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर में विशेष श्रृंगार, शिवलिंग पर चढ़ी सूखे मेवों की माला
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शिवलिंग पर चढ़ी सूखे मेवों की माला
उज्जैन: श्रावण मास 2026 के शुभारंभ पर Mahakaleshwar Temple में भक्तिभाव और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। सावन के पहले दिन मंदिर के पुजारियों ने भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार करते हुए उन्हें सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) से बनी आकर्षक माला अर्पित की। इस विशेष पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना
श्रावण मास के पहले दिन प्रातःकालीन पूजन के बाद भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। पारंपरिक फूलों के साथ-साथ काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट और अन्य सूखे मेवों से तैयार की गई माला अर्पित की गई, जिसने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
सावन में महाकालेश्वर का महत्व
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस पूरे महीने देशभर से लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।
भक्तों की उमड़ी भीड़
सावन के पहले दिन तड़के से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर प्रशासन ने दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराए जा सकें।
आस्था और परंपरा का संगम
महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के श्रृंगार और विशेष पूजन की परंपरा है। सूखे मेवों की माला अर्पित करना भी इन्हीं विशेष धार्मिक आयोजनों का हिस्सा माना जाता है, जो भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।
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