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धर्म-अध्यात्म
Solar Eclipse: साल का दूसरा ग्रा्हण 7 घंटे 21 मिनट तक, जानें तारीख और सूतक काल
nidhi
22 May 2026 12:14 PM IST

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सूतक काल
Saal Ka Doosra Surya Grahan 2026 Kab Hai: साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण श्रावण यानि सावन माह में लगने वाला है. पंचांग के अनुसार, सूर्य ग्रहण हर बार किसी भी माह की अमावस्या तिथि को लगती है, जबकि चंद्र ग्रहण किसी भी माह की पूर्णिमा तिथि को होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पाप ग्रह राहु और केतु जब ग्रहों के राजा सूर्य का ग्रास करने का प्रयास करते हैं तो उस समय सूर्य ग्रहण लगता है. ऐसे ही खगोलशास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, इससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंचता है. आइए जानते हैं कि 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब है? सूतक काल कब से कब तक रहेगा?
2026 के दूसरे सूर्य ग्रहण की तारीख
कानपुर की ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना के अनुसार, इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त दिन बुधवार को लगेगा. पंचांग के अनुसार उस दिन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि होगा यानि सावन अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लगेगा.
अंतिम सूर्य ग्रहण 2026 का समय
12 अगस्त को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण रात में 09 बजकर 04 मिनट पर लगेगा. इस सूर्य ग्रहण का समापन या मोक्ष 13 अगस्त गुरुवार को प्रात: 4 बजकर 25 मिनट पर होगा.
7 घंटे से अधिक समय तक राहु-केतु का प्रभाव
राहु और केतु की वजह से सूर्य ग्रहण लगता है. यह सूर्य ग्रहण 7 घंटे 21 मिनट तक रहेगा. इस वजह से सूर्य पर राहु-केतु का प्रभाव 7 घंटे से अधिक समय तक रहेगा.
चतुर्ग्रही योग में लगेगा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण के समय में 4 ग्रह एक साथ होंगे, इस वजह से यह सूर्य ग्रहण चतुर्ग्रही योग में लगेगा. इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला है. उस समय कर्क राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु साथ होंगे. कर्क राशि में सूर्य और चंद्रमा समान अंशों पर गुरु और बुध के साथ विराजमान होंगे.
अंतिम सूर्य ग्रहण 2026 सूतक काल
सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण समय से 12 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य, स्नान, दान, सोना, खाना आदि नहीं करते हैं. लेकिन जिस स्थान पर सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देता है, वहां पर सूतक काल मान्य नहीं होता है. भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इस वजह से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा.
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