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धर्म-अध्यात्म
2026 में Solar और चंद्र ग्रहण: तिथि और ज्योतिषीय प्रभाव
Harrison
6 Nov 2025 9:13 PM IST

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Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण समय और दिशा में परिवर्तन लाते हैं और व्यक्ति और समाज दोनों पर असर डालते हैं। वर्ष 2026 में भी सूर्य और चंद्र ग्रहण होंगे, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अपनी छाया डाल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रहण का समय धार्मिक, आर्थिक और व्यक्तिगत निर्णयों पर प्रभाव डालता है।
2026 में ग्रहण की प्रमुख तिथियाँ और प्रकार:
पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse):
तिथि: 17 अप्रैल 2026
प्रकार: अंगुलीय सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse)
स्थल प्रभाव: इस ग्रहण का दृश्य विशेष रूप से यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया में देखा जा सकेगा।
ज्योतिषीय प्रभाव: इस अवधि में नए कार्य, निवेश और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। पारिवारिक मतभेद या व्यवसाय में अस्थिरता आ सकती है। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है।
पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse):
तिथि: 3 मई 2026
प्रकार: पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse)
स्थल प्रभाव: यह ग्रहण पूर्वी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
ज्योतिषीय प्रभाव: चंद्र ग्रहण मानसिक स्थिति और भावनाओं पर असर डाल सकता है। तनाव, मनोवैज्ञानिक असंतुलन या नींद संबंधी परेशानी देखने को मिल सकती है। इस समय विवादों और पुराने unresolved मुद्दों से दूरी बनाए रखना लाभकारी होगा।
दूसरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse):
तिथि: 11 अक्टूबर 2026
प्रकार: आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse)
स्थल प्रभाव: मुख्य रूप से एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा जाएगा।
ज्योतिषीय प्रभाव: इस ग्रहण में नई योजनाओं और बड़े निवेश के लिए समय उपयुक्त नहीं माना जाता। व्यवसायिक फैसलों में सावधानी रखें और अनावश्यक जोखिम से बचें।
दूसरा चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse):
तिथि: 27 अक्टूबर 2026
प्रकार: अंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse)
स्थल प्रभाव: दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
ज्योतिषीय प्रभाव: यह ग्रहण भावनात्मक अस्थिरता और पारिवारिक समस्याओं को बढ़ा सकता है। किसी भी विवाद में शामिल होने या बड़े निर्णय लेने से बचें।
ग्रहण का सामान्य प्रभाव:
व्यक्तिगत जीवन: ग्रहण के दौरान मानसिक तनाव, अनिश्चितता और उलझन बढ़ सकती है।
स्वास्थ्य: हृदय, पाचन और नींद संबंधित समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
व्यवसाय और शिक्षा: नए निवेश या करार के लिए ग्रहण का समय अनुकूल नहीं माना जाता। पुराने प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ध्यान दें।
धार्मिक और आध्यात्मिक उपाय: ग्रहण के दौरान ध्यान, पूजा, दान और सकारात्मक क्रियाओं का महत्व बढ़ जाता है। ज्योतिषाचार्य सुझाव देते हैं कि ग्रहण काल में मांसाहार और नकारात्मक कामों से परहेज करना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह:
2026 में होने वाले ग्रहण नए शुरुआत या पुराने मुद्दों के निवारण के लिए संकेत देते हैं। सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों ही व्यक्ति के जीवन में संतुलन और समझदारी बनाए रखने की याद दिलाते हैं। ग्रहण के दौरान सतर्कता, संयम और मानसिक तैयारी जरूरी है।
इस प्रकार, 2026 में कुल चार ग्रहण होंगे – दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। प्रत्येक ग्रहण का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों और व्यक्तियों पर पड़ेगा। धार्मिक, मानसिक और व्यावसायिक दृष्टि से इन तिथियों को जानना और उपाय करना शुभ माना जाता है।
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