धर्म-अध्यात्म

Shani Jayanti 2026: 13 साल बाद अद्भुत संयोग! व्रत न रख पाए तो करें ये 5 छोटे काम, दूर होगा शनि दोष

nidhi
15 May 2026 2:13 PM IST
Shani Jayanti 2026: 13 साल बाद अद्भुत संयोग! व्रत न रख पाए तो करें ये 5 छोटे काम, दूर होगा शनि दोष
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व्रत न रख पाए? ये 5 आसान उपाय करें
ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार 16 मई को शनि जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन है यह बेहद ही दुर्लभ संयोग है। ऐसे में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास उपाय जरूर करने चाहिए। शनि जयंती के मौके पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ सरल और खास उपाय जरूर करें। अगर आपकी कुंडली में शनि की अंतर्दशा या महादशा चल रही है तो आपको इन उपायों को आजमाने से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं पंड़ित राकेश झा से शनिदेव के प्रिय अपराजिता फूल से जुड़े कुछ आसानी उपाय और साथ ही जानें इस दिन किन मंत्रों का जप करें।
अगर आपकी शनि की दशा चल रही है तो शनि जयंती के मौके पर शनिदेव के चरणों में नीला अपराजिता फूल अर्पित करें। अर्पित करने से पहले सरसों के तेल का दीपक जलाएं इसके बाद फूल अर्पित करें। ऐसा करने से आपको शनिदेव के प्रकोप से आपको राहत मिलेगी।
इसके अलावा शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि जयंती पर अपराजिता फूल की माला बनाकर पहले भगवान शिव और फिर शनिदेव को पहनाएं। दरअसल, भगवान शिव शनिदेव के गुरु है। इसलिए पहले शिवजी को माला पहनाकर फिर शनिदेव को पहनाएं।
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या अगर चल रही है तो इस शनि जयंती पर शनि देव के बीज मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः या फिर ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः मंत्र का जप 108 बार करके फिर शनिदेव को अपराजिता फूल अर्पित कर दें
शनि जयंती के दिन शमी के पेड़ की जड़ और अपराजिता की जड़ काले कपड़े में बांधकर अपनी बाजू में बांध लें। इससे भी शनि प्रकोप से थोड़ी राहत।
शनि जयंती के अवसर पर अपराजिता के पौधों का दान कर सकते हैं। इस दिन अपराजिता का पौधा घर में लगाने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है। अपराजिता का पौधा अपने घर में लगाकर उसकी सेवा करें।
शनि के कारण हड्डियों से जुड़ी अगर समस्या है या फिर त्वचा संबंधी कोई रोग है तो अपराजिता के फूल का लेप बनाकर लगाने से रोग ठीक होता है।
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