धर्म-अध्यात्म

सर्वपितृ अमावस्या: पितृ शांति के लिए इन 4 जगहों पर जलाएं दीया

Tara Tandi
9 Oct 2026 5:53 PM IST
सर्वपितृ अमावस्या: पितृ शांति के लिए इन 4 जगहों पर जलाएं दीया
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Sarva Pitru Amavasya ज्योतिष न्यूज़ : पितरों को समर्पित सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्तूबर 2026, शनिवार को मनाई जा रही है। पितृ पक्ष की यह अंतिम तिथि मानी जाती है। इस दिन पितरों का तर्पण और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की आत्मशांति के लिए किए गए धार्मिक कार्यों से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसके अलावा, इस दिन कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है और परिवार के सदस्यों पर पितरों की कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं कि सर्वपितृ अमावस्या के दिन किन 4 जगहों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
सर्वपितृ अमावस्या मुहूर्त
सर्वपितृ अमावस्या पर कुतुप मुहूर्त का समय सुबह 11 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
अपराह्न काल का मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से लेकर 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
घर के मंदिर में जलाएं दीपक
सर्वपितृ अमावस्या के दिन सुबह और शाम घर के मंदिर में दीपक जलाएं। इस दौरान भगवान का स्मरण करें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें। मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे जलाएं दीया
पीपल और बरगद के पेड़ों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। सर्वपितृ अमावस्या पर इन पेड़ों के नीचे दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
घर के मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक
इस दिन घर के मुख्य द्वार पर भी दीपक जलाया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। दीपक जलाते समय परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना करें।
नदी, तालाब या जलाशय के पास जलाएं दीपक
सर्वपितृ अमावस्या पर नदी, तालाब या किसी अन्य जलाशय के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण करते हुए उनकी शांति और सद्गति की प्रार्थना की जाती है। हालांकि, दीपक जलाते समय जलाशय की सुरक्षा और स्थानीय नियमों का ध्यान जरूर रखें।
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